10.7.17

सावन मे मनोकामना पूर्ण करने उपाय //The perfect way to fulfill the desire




   किसी भी व्यक्ति के जीवन में रोग, कष्ट और विपत्ति के लिए कुछ खास ग्रह-नक्षत्र की शुभ-अशुभ स्थिति जिम्मेदार रहती है। ग्रहों की शांति के लिए यदि कुछ उपाय किए जाएं तो जातक किसी भी प्रकार के गंभीर रोग का भी शमन कर सकता है।
पति-पत्नी में प्रेम न हो, गृह क्लेश हो, ब्याह-शादी में रुकावट आ रही हो तो मक्खन-मिश्री का मिश्रण 108 बिल्वपत्रों पर रखकर चढ़ाएं। मनोकामना निश्चित रूप से पूर्ण होगी।
धन की इच्छा हो तो खीर से शिव का अभिषेक करें।
 

यदि सुख-समृद्धि की इच्छा हो तो भांग को घोटकर शिवजी का अभिषेक करें, लाभ होगा।
शिव पुराण में श्रावण के शुभ समय के लिए कुछ अचूक उपाय बताए गए हैं। प्रत्येक जातक को अपनी जन्म कुंडली में ग्रहों की शुभ-अशुभ स्थिति के अनुसार शिवलिंग का पूजन करना चाहिए। ग्रहों से संबंधित कष्टों और रोगों के लिए निम्न उपाय अपनाएं।
.मारकेश या मारक दशा चल रही हो तो मृत संजीवनी या महामृत्युंजय मंत्र के सवा लाख जप कराकर अभिषेक करें।
कालसर्प के लिए भी शिवपूजा विशेष फलदायी है। कलियुग में शिव की पार्थिव पूजा का विधान भी है। इसके लिए बांबी, गंगा, तालाब, वेश्या के घर और घुड़साल की मिट्टी तथा मक्खन और मिश्री मिलाकर 108 शिवलिंग बनाकर उनका अभिषेक करें तो सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी, लेकिन सायंकाल को यह सभी 108 शिवलिंग जल में प्रवाहित कर दें।

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