27.7.17

कपडे धोने के उपयोगी टिप्स



घर के सभी लोगों की देखभाल से लेकर उनके कपड़ों तक की जिम्मेदारी आपके ऊपर है। कितना मुश्किल है ना सबके कपड़ों और उन कपड़ों की क्वालिटी को बरकरार रखना? कैसे कपड़ों को धोएं ताकि उनकी उम्र में इजाफा हो, बता रही हैं शाश्वती
आपके कपड़े आपको कितने प्यारे हैं, यह हमसे बेहतर भला कौन जान सकता है? कितने शौक से आप न सिर्फ अपने लिए, बल्कि घर के अन्य सदस्यों के लिए भी कपड़ों का चुनाव करती हैं। फिर उनकी सफाई के दौरान भी तो खास ध्यान रखने की जरूरत है। कपड़े धोते वक्त साबुन या सर्फ के चुनाव से लेकर कपड़ों को साफ करने का तरीका तक मायने रखता है। इस बात को जानना बेहद जरूरी है कि कौन-से कपड़े किस तरह से धोए जाएं ताकि न सिर्फ कपड़े अच्छी तरह से साफ हों, बल्कि उनकी उम्र भी बढ़े।
वाशिंग मशीन और ड्रायर का इस्तेमाल करना
कपड़ों के ढेर से कपड़े छाँटे: कपड़े धोते समय, दो महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें: कपड़े किस रंग के है, और किस मटिरियल से बनाए गए हैं। सभी कपड़े समान मात्रा में पानी का दबाव या मशीन की धुलाई को संभाल नहीं सकते हैं।
उजले और गहरे रंग के कपड़ों को अलग करें। जब आप कपड़े धोते है, खासकर नए कपड़े, डाइ किए गए रंग कपड़ों से उतर जाते हैं (इसलिए आप देखेंगे कि, नए चमकीले कपड़ों के मुकाबले पुराने कपड़े ज्यादा फीके होते हैं)। कोई भी सफेद, क्रीम, या उजले, हल्के रंग के कपड़े, ‘सफेद’ कपड़ों के ढेर में डालना चाहिए, जब कि बाकी सभी रंगीन कपड़ों ‘गहरे’ रंग के कपड़ों के ढेर में डालें। अगर आप कपड़ों को अलग नहीं करते, तो आपकी नई उज्ज्वल (bright) नीली कमीज़ (shirt) का रंग शायद सफेद कपड़ों पर लग जाएंगे।
अपने कपड़ों को उनके वस्त्र के अनुसार अलग करें: कुछ कपड़े जैसे डेनिम या मोटे कपड़े (जैसे तौलिये) आपके रेशमी (silky) अंदरूनी कपड़ों (जो डेलिकेट सेटिंग पर धोए जाते है) के मुकाबले वज़नदार साइकिल में धोए जाते हैं। अपने वस्त्रों को बताए गए धोने की साइकिल के अनुसार अलग करें।
याद रखें, तौलिए और चद्दर एक साथ नहीं धोने चाहिए। टॉप लोड वाशिंग मशीन को तौलिया धोने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, और चद्दर धोने के लिए फ्रन्ट लोड वाशिंग मशीन का इस्तेमाल करना चाहिए (क्योंकि फ्रन्ट लोड वाशिंग मशीन चद्दर को अधिक निचोड़ते नहीं है, और इस वजह से चद्दर इसमें धोने से उसमें ज्यादा सिलवटें नहीं होती है)।
कपड़ों पर लगे ‘केअर टैग’ को पढ़े: कपड़ों पर केअर टैग यूं ही नहीं लगाए गए हैं कि वह आपके गर्दन को रगड़ते रहे और आपको खुजली हो जाएं — बल्कि आपको कपड़े धोने की प्रक्रिया से वाकिफ करने के लिए लगाया जाता है। जब आपको कपड़े धोते समय कोई भी दुविधा है, तो टैग को जांचें। केअर टैग से आपको कपड़ों के फैब्रिक, धोना और सुखाने कि विधि के बारे में जानकारी मिलती है।
कुछ कपड़ों को ड्राईक्लीन या हाथों से धोना अनिवार्य है (इस प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए चरण क्रमांकन दो को पढ़ें)। केअर टैग के जरिए आपको पता चलेगा कि इन दोनों में से कोई एक जरूरी है या नहीं।
पानी के तापमान को कैसे चुनना है पता करें: वाशिंग मशीन में विभिन्न तापमान के सेटिंग होते हैं, क्योंकि कुछ कपड़ों और रंगों को पूरी तरह से धोने के लिए अलग-अलग तापमान के लेवल की जरूरत है।
उजले कपड़ों के लिए गरम पानी का उपयोग करें, खासकर ज्यादा मैले उजले कपड़े। गरम पानी से सफेद कपड़ों के सारे दाग और मैल तुरंत निकल जाएंगे।
 
रंगीन कपड़ों के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें, क्योंकि ठंडे पानी से कपड़ों में लगी डाई कम मात्रा में निकलता है (जिससे आपके कपड़े उतनी जल्दी फीके नहीं होंगे जब आप ठंडे पानी का इस्तेमाल करते हैं)। काटन कपड़ों को भी ठंडे पानी से धोने चाहिए क्योंकि ठंडे पानी से कपड़ों के सिकुड़ने का खतरा कम होता है।
पता करें कि कितना लोड चुनना है: अधिकांश वाशिंग मशीन में एक नाब या बटन है जिसे घुमाकर आप कपड़ों की मात्रा के अनुसार लोड़ चुन सकते हैं (आम तौर पर कम (small), मध्यम (medium) या बहुत ज़्यादा (large))। अगर आपके वाशिंग मशीन का एक-तिहाई भाग मैले कपड़ों से भरा है, तो आप वाशिंग मशीन को कम लोड पर सेट करें, वाशिंग मशीन का दो-तिहाई भाग मैले कपड़ों से भरा है, तो वाशिंग मशीन को मध्यम लोड पर सेट करें, और अगर आपके वाशिंग मशीन में कपड़े भरे हुए हैं, तो आप सबसे ज़्यादा पर सेट करें।
ज्यादा कपड़ों को धोने को लिए वाशिंग मशीन में कपड़ों को दबा-दबा कर न भरें। आप अतिरिक्त कपड़े धोने के लिए एक और बार वाशिंग मशीन चला सकते हैं अन्यतः वाशिंग मशीन अटकने या खराब होने का खतरा होता है।
पता करें कि किस वाशिंग साइकिल को चुनना है: जैसे तापमान के साथ, वाशिंग मशीन में अलग-अलग वाशिंग साइकिल भी होते हैं, क्योंकि विभिन्न तरह के कपड़ों को अलग-अलग तरीके से धोना पड़ता है।[१]
रेगुलर/नॉर्मल साइकिल: सफेद कपड़े धोते वक्त इस साइकिल को चुनें। इस साइकिल में कपड़े धोने से कपड़े ख़स्ता और स्वच्छ हो जाएंगे।
पर्मनन्ट प्रेस: रंगीन कपड़ों के लिए इस साइकिल का प्रयोग करें। यह साइकिल गरम पानी के इस्तेमाल होता है और ठंडे पानी से अंत होता है, जिससे आपके रंगीन कपड़ों में चमक आ जाता है।
डेलिकेट: यह आप भी अंदाजा लगा सकते हैं, कि जो कपड़े पूर्णतः डेलिकेट हैं (जैसे ब्रा, ड्राइ फिट वेअर, काटन स्वेटर, ड्रेस या शर्ट, इत्यादि)। हमेशा सुनिश्चित कर लें कि डेलिकेट कपड़ों को ड्राई क्लीन या हाथ से धोने की जरूरत नहीं है (कपड़ों पर लगे टैग को अवश्य देखें)
डिटर्जेट चुनें ध्यान से
डिटर्जेट चुनते वक्त सबसे पहले यह तय करें कि आपको पाउडर का इस्तेमाल करना है या लिक्विड डिटर्जेट का। लिक्विड डिटर्जेट अपेक्षाकृत ज्यादा महंगे होते हैं। पर इस बात को भी ध्यान में रखें कि अगर आप कपड़े धोने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करती हैं तो पाउडर आसानी से पानी में नहीं घुलेंगे। बेहद मुलायम कपड़ों को धोने के लिए लिक्विड डिटर्जेट का इस्तेमाल करें।
 
अगर आप वॉशिंग मशीन में कपड़े धोती हैं तो ऐसा डिटर्जेट चुनें, जो खासतौर से वॉशिंग मशीन के लिए ही बनाया जाता है। साधारण वॉशिंग पाउडर का लंबे समय तक इस्तेमाल आपके वॉशिंग मशीन की कार्यक्षमता को घटा सकता है। साथ ही अपने कपड़ों की फैब्रिक को ध्यान में रखते हुए डिटर्जेट का इस्तेमाल करें। सिल्क या ऊनी कपड़ों की धुलाई के लिए मुलायम डिटर्जेट का इस्तेमाल करें। बच्चों के कपड़ों की धुलाई के लिए बेहद मुलायम डिटर्जेट का इस्तेमाल करें, क्योंकि बच्चों की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। सफेद कपड़ों की धुलाई के लिए ब्लीच फॉर्मूला वाले डिटर्जेट का इस्तेमाल करें, वहीं रंगीन कपड़ों की धुलाई के लिए ऐसे डिटर्जेट का इस्तेमाल करें, जिससे कपड़ों में चमक आए।सही वाशिंग फ्लूइड का इस्तेमाल करें और वाशिंग मशीन का दरवाजा बंद करें: वाशिंग फ्लूइड में डिटर्जेंट, ब्लीच, और फैब्रिक सॉफ्टनर शामिल है। आप चाहे तो वाशिंग मशीन में पहले कपड़े डालें और फिर उसमें सही वाशिंग फ्लूइड डालें, या पहले वाशिंग मशीन से सारे कपड़े बाहर रखें, वॉशर को 1/3 पानी भर दें, और उसमें वाशिंग फ्लूइड मिलाएं, और फिर उसमें कपड़े डाल दें।
वॉशिंग पाउडर में नमक डालकर कपड़े धोने से कपड़े होंगे चमकदार
घरों में कपड़े धोने की बात आए तो सबसे पहले हर किसी का नाक-भौंह सिकोड़ने लगता है। क्योंकि इसमें मेहनत ज्यादा होने के बाद भी कपड़े निखर कर ना आए तो पूरी मेहनत बेकार हो जाती है, ज्यादातर जींस या सफेद रंग के कपड़ों में काफी मेहनत लगती है। हम भले ही महंगे से महंगे मिलने वाले डिटर्जेंट पाउडर का यूज करे पर इस के बाद भी कपड़े ठीक से साफ नहीं हो पाते हैं। कपड़े धोते समय यदि उन्हें सही ट्रीटमेंट दे दिया जाये सफेद व कलरफुल कपड़ों को चमकदार बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्सतो आपकी हर तरह की मुश्किले आसान हो सकती है।
नमक-
कपड़ों में नई जान डालने के लिए आप जब भी जींस या कलरफूल कपड़ो को धोने के लिए बैठें, तो सबसे पहले इन कपड़ो को धोने से पहले नमक के पानी में एक घंटे के लिए भिगोकर रख दें। फिर कपड़े धोने वाले पाउडर से साफ करें। इससे कपड़ो का रंग नहीं निकलेगा, बल्कि कपड़ो का रंग पक्का हो जायेगा साथ ही कपड़ें जल्द ही साफ होंगे।
चाय या काफी
डार्क कलर के कपड़ों को खराब होने से बचाने के लिए आप बिना शक्कर वाली स्ट्रांग चायपत्ती या काफी पाउडर को वॉश करने के दौरान मिला दें। इसके बाद आपके कपड़े काफी अच्छी तरीके से साफ हो जाएंगे।
काली मिर्च –
यदि आप मशीन में कपड़े धो रहे है तो कपड़ों को मशीन पर डालने से पहले डिटर्जेंट पाउडर के साथ काली मिर्च के दानों को डाल दें। इससे डार्क कपड़ो का रंग और भी अधिक चटक हो जायेगा। कपड़ों में नई जान आ जायेगी।
बेकिंग पाउडर और सोड़ा –
कपड़ों के रंग के साथ उनकी लंबी उम्र करने के लिए आप डिटर्जेट पाउडर में 1 चम्मच बेकिंग पाउडर और सोडा मिलाकर कपड़ों को 15 मिनट के लिए भिगोकर रख दें, इसके बाद वॉश करें। इससे कपड़े जल्द ही साफ होते है और उनकी शाइन बनी रहती है।
नींबू का रस –
कपड़े में लगे पसीने के दाग को साफ करने के लिए नींबू के रस का उपयोग करें, इससे दागों से जल्द ही छुटकारा मिल जायेगा।
सेंधा नमक –
यदि आप सूती कपड़ों को पहली बार धोने जा रहे है तो उन्हें धोने से पहले एक बर्तन में सेंधा नमक डालकर भिगों कर रख दें। इसमें थोड़ा सा सोड़ा भी मिला दें। इससे रंग नहीं उतरेगा, साथ ही कपड़े साफ और चमकदार हो जाएंगे
बेकिंग पाउडर के साथ अमोनिया –
सफेद कपड़ों के चमकदार बनाने के लिए उन्हें विनेगर, बेकिंग पाउडर के साथ अमोनिया डालकर पानी में मिलाये और इसमें सफेद कपड़ों को 15 मिनट तक भिगों कर रख दें, इसके बाद उन्हें वॉश करें।डिटर्जेंट: डिटर्जेंट की मात्रा कितनी इस्तेमाल करनी है यह कपड़े के लोड़ पर निर्भर होता है। सामान्यतः, डिटर्जेंट बोतल का ढक्कन कप की तरह इस्तेमाल होता है जिसमें मात्रा को चिह्नित किया जाता है। आम तौर पर, कम लोड के लिए 1/3 कप डिटर्जेंट, 2/3 कप डिटर्जेंट मध्यम लोड के लिए, और पूरा कप डिटर्जेंट ज़्यादा लोड धोने के लिए भरी जाती है। हालांकि, आप डिटर्जेंट बोतल पर लिखे इस्तेमाल करने के निर्देश जरूर पढ़े—कुछ डिटर्जेंट दूसरे डिटर्जेंट के मुकाबले बहुत ज्यादा गाढ़ा होते हैं, मतलब इस डिटर्जेंट की मात्रा ज्यादा डालने की जरूरत नहीं होगी।
ब्लीच: 
जब आप कपड़ों से जिद्दी दाग निकालना चाहते हैं तो उन्हें ब्लीच करें, या सफेद कपड़ों को सफेद बनाए रखने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल करें। ब्लीच दो तरह के होते है। क्लोरीन युक्त ब्लीच सफेद कपड़ों को सफेद रखने के लिए एकदम सही है, परंतु रंगीन कपड़ों पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऑल-फैब्रिक ब्लीच रंगीन कपड़ों पर किया जा सकता है।
 
ज्यादा सर्फ, बिल्कुल नहीं
कोई भी चीज संतुलित मात्रा में ही अच्छी लगती है। अपने कपड़ों की धुलाई के वक्त भी इस बात को ध्यान में रखें। सर्फ या साबुन का इस्तेमाल कपड़ों के अनुपात को ध्यान में रखते हुए करें। बहुत ज्यादा सर्फ या साबुन के इस्तेमाल से आपके कपड़ों पर नकारात्मक असर भी पड़ सकता है, खासतौर पर जब आप सूती, ऊनी या सिल्क के कपड़े धो रही हों। बहुत ज्यादा सर्फ के इस्तेमाल से सूती कपड़ों को इतना नुकसान हो जाता है कि उसकी भरपाई भी संभव नहीं
फैब्रिक सॉफ्टनर: 
अपने तौलिए को ज़्यादा नरम करने के लिए इसका इस्तेमाल करें। फैब्रिक सॉफ्टनर को रिन्स साइकिल में मिलाएं। कुछ वाशिंग मशीनों में डिस्पेन्सर की सुविधा होती है, जिसमें आप फैब्रिक सॉफ्टनर को कपड़े धोने से पहले डाल सकते हैं, और कपड़ों को ड्रायर में डालें और सही साइकिल को चुनें: याद रखें कि कुछ कपड़े हवा से ही सूखने चाहिए। कपड़ों पर लगे टैग को पढ़े—अगर उसमें न सुखाने की सलाह लिखा है, तो ऐसे कपड़ों को रस्सी पर हवा में सुखाएं। वाशिंग मशीन जैसे ही, ड्रायर में भी सेटिंग होती है जिसका इस्तेमाल करके आप कपड़ों को सूखा सकते है। ड्रायर में ड्रायर शीट को लगाएं और उसका दरवाजा बंद करें।
रेगुलर/हेवी: सफेद कपड़े रेगुलर/हेवी सेटिंग पर सबसे अच्छे सूखते हैं। सफेद कपड़े आम तौर पर पहले से ही सिकुड़े होते है और अधिक तेज और अत्यधिक गरमी सह सकते हैं (इसके विपरीत रंगीन कपड़े अधिक गरमाहट में फीके पड़ जाते है।)
पर्मनन्ट प्रेस: 
सामान्य रंगीन कपड़ों के लिए यह प्रक्रिया बेहतरीन है। इस प्रक्रिया की मध्यम गरमाहट और दबाव आपके कपड़ों को फीका नहीं होने देता।
डेलिकेट: 
कोई भी कपड़े जो डेलिकेट सेटिंग पर धोए जाते हैं उसे डेलिकेट सेटिंग पर ही सुखाना चाहिए। यह सेटिंग सामान्य तापमान और धीमी साइकिल का इस्तेमाल होता है ताकि आपके डेलिकेट कपड़ों को नुकसान न पहुँचे।सही समय पर रिन्स साइकिल के दौरान अपने आप मिला लेता है।
कपड़ों को हाथ से धोना
एक बाल्टी भर पानी लें: साधारणतः इस कार्य के लिए बड़ी बाल्टी (अंदाजे 20 लीटर की क्षमता) का इस्तेमाल करें जिसमें 3.75 से 7.50 लीटर तक पानी भरा है।
अगर आपके पास बाल्टी नहीं है, तो आप प्लग्गड़ सिंक (आउटलेट बंद किए सिंक) का इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि सिंक का आउटलेट पूरी तरह से बंद है और फिर गर्म पानी से सिंक भर दें।
सौम्य डिटर्जेंट को मिलाएं: यह डिटर्जेंट वाशिंग मशीन में इस्तेमाल करने वाले डिटर्जेंट जैसा नहीं है। साधारण डिटर्जेंट काफी गाढ़ा होता है और अपने हाथ से धुले कपड़े मैले दिखते है। जिस किराने के दुकान से आप साधारण डिटर्जेंट खरीदते हैं वहीं से आप डेलिकेट डिटर्जेंट भी खरीद सकते हैं – यह याद रखें कि बोतल पर माइल्ड या डेलिकेट लिखा हो।
कपड़ों को पानी में भिगो दें: कपड़ों को पानी में हिलाएं ताकि कपड़े अच्छे से भीग जाएं। कपड़ों को कुछ समय तक भिगोए रखें ताकि वह अच्छे से डिटर्जेंट सोख सकें।
 
कपड़ों को धो लें: अपने कपड़े गरम और स्वच्छ पानी से साफ करना चाहिए। जिस नल से आपने बाल्टी (या सिंक) को पानी से भरे हैं उसके नीचे बारी-बारी से कपड़ों को साफ कर सकते हैं। कपड़ों को अच्छे से खंगाले ताकि इसमें से झाग निकल जाएं और उससे बहता पानी साफ और बुलबुले रहित है।
कपड़ों को हवा में सुखाए: हाथ से धुले कपड़ों को रस्सी पर नहीं लटकाना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से कपड़े स्ट्रेच हो जाएंगे। इसके बजाय, डेलिकेट कपड़ों को कपड़े सुखाने वाले रैक पर समतल फैलाएं। इससे यह निश्चित हो जाएगा कि कपड़े स्ट्रेच नहीं होंगे, और सूखने की प्रक्रिया से कपड़ों की सिलवटें भी कम हो जाएंगे।
ध्यान से धोएं कपड़े
कपड़ों को धोते वक्त कुछ बातों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है। कपड़ों को हमेशा उल्टा करके साफ करें ताकि कपड़ों का रंग न उड़े। साथ ही कपड़ों को ब्लीच न करें। ब्लीच करने से कपड़े कमजोर हो जाते हैं। कपड़ों के पीलेपन को कम करने के लिए उस जगह पर नीबू का रस लगाएं और उसे ठंडे पानी में आधे घंटे रखें। फिर उसे धो लें। साथ ही सफेद और रंगीन कपड़ों को अलग-अलग धोएं।
दाग पर दें ध्यान
कपड़ों की धुलाई के वक्त दाग-धब्बों को छुड़ाने पर विशेष ध्यान दें। कपड़ों को वॉशिंग मशीन में डालने से पहले उन पर लगे दाग-धब्बों को हाथ से छुड़ा लें। दरअसल, वॉशिंग मशीन में दाग लगे कपड़े को सीधे डालने से निशान और गहरा हो जाता है। रंगीन कपड़ों को सूरज की रोशनी में न सुखाएं। कपड़ों का रंग फीका हो सकता है।
सलाह
कपड़ों को वाशर में डालने से पहले पॉकेट जांच लें।
कपड़ों को 24 घंटों से ज्यादा समय तक वाशर में न रखें, अन्यथा कपड़ों बदबूदार और फफूँदीदार बन जाएंगे।
अगर आप किसी के साथ घर शेअर करते हैं, या जान-पहचान के साथ रहते हैं, तो कभी-कभार मिलकर कपड़े धोना फायदेमंद है। खासकर आप लाल कपड़ों के लिए यह कर सकते हैं, क्योंकि अधिकांश लोगों के पास एक लोड़ लाल कपड़े नहीं होते हैं। साथ में कपड़े धोने से पैसे और समय की बचत होगी, और पर्यावरण पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।
नए और चमकीले रंग के कपड़ों को शुरूआत के कुछ दिनों तक अलग से धोएं, जब तक आपके पास उसी रंग के कपड़े धोने के लिए न हो।
अगर आप डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल कर रहे है, तो उन्हें सीधे कपड़ों पर न डालें। ऐसा करने से डिटर्जेंट कपड़ों से धुल नहीं जाएंगे और कपड़ों पर उसका धब्बा रह जाएगा।
अगर आप ब्रा को वाशिंग मशीन में धो रहे हैं, तो ब्रा के हुक खोलकर न धोएं क्योंकि धोते समय ब्रा के हुक कपड़ों में फंस सकते हैं और टूट या मुड़ जाएंगे।
अगर आप हाथ से कपड़े धो रहे हैं, तो खतरनाक केमिकल से अपनी त्वचा को और अपने हाथों को सुरक्षित रखने के लिए रबर के दस्ताने पहनें।

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