21.7.17

गायब,अदृश्य होने की तरकीब



जब कभी मम्मी की डांट से बचना हो... बॉस की फटकार से बचना हो या फिर किसी भी मुसीबत से छुटकारा पाना हो तो मन करता है कि ‘काश हम कहीं गायब हो जाएं’... किसी ऐसी दुनिया में पहुंच जाएं जहां हमें कोई ढूंढ ना सके। या सबके बीच में होते हुए भी कोई हमें देख ना पाए... काश ऐसी कोई तरकीब मिल जाए।
ऐसा पॉसिबल कहां
लेकिन ऐसा पॉसिबल कहां होता है... पर फिर भी मन में एक चाहत होती है कि काश कोई ऐसी तरकीब, कोई मंत्र या कोई टोना-टोटका ही होता जिससे इंसान अदृश्य होता जाता। बिल्कुल मिस्टर इंडिया फिल्म के अनिल कपूर की तरह... आप को बता दें कि यह महज़ एक कल्पना नहीं है।
 
अदृश्य होने की कला
जी हां... विभिन्न वैज्ञानिकों ने गायब हो जाने यानी कि अदृश्य होने की कला को समझा है, उसपर शोध किया है लेकिन आजतक इस विषय पर कोई ठोस परिणाम लाने में असमर्थ रहे हैं वैज्ञानिक। लेकिन पूरी तरह से नहीं...
विभिन्न शोध
वैज्ञानिकों ने बीते वर्षों में कई शोध किए, तरह-तरह के प्रयोग भी हुए और इन प्रयोगों में उन्हें कुछ हद तक सफलता के संकेत भी मिले लेकिन वे उतने योग्य नहीं थे जितना उन्होंने सोचा था।
विज्ञान भी लगा है खोज में
तमाम कोशिशों के बाद गायब हो जाने की कला को अंतर्ध्यान या फिर अदृश्य हो जाने का सिद्धांत प्रदान किया गया। आज के युग का तो पता नहीं, लेकिन प्राचीन काल में अंतर्ध्यान हो जाने जैसी कला का जिक्र किया गया। वेद, महाभारत और पुराणों में अंतर्ध्यान शक्ति के कई साक्ष्य पाए गए, इनपर कई कथाएं हैं जिसमें कहा गया है कि देवता अचानक प्रकट हुए और फिर अंतर्ध्यान हो गए, अर्थात गायब हो गए।
पौराणिक संदर्भ
आपने स्वयं भी पौराणिक कथाओं को पढ़ते समय यह जरूर जाना होगा कि किसी भक्त की उपासना से प्रासन्न होकर देवता गण अचानक प्रकट होते थे। भक्त से वार्तालाप करते, उन्हें मनोवांचित वरदान प्राप्त करते और फिर अचानक गायब हो जाते। लेकिन कहां और कैसे... यह कोई नहीं जानता था।
* देवताओं के पास थी ऐसी शक्ति
इसे महज़ देवताओं की शक्ति समझकर परिभाषित किया जाता था। लेकिन प्सर अध्ययन करते हुए मशहूर विज्ञान गल्पाकार एचजी वेल्स (H.G. Wells) ने 1897 में प्रकाशित अपने लोकप्रिय उपन्यायस 'अदृश्य आदमी' (The Invisible Man) में गायब होने का फॉर्मूला दिया है।
हम कैसे पाएं ऐसी शक्ति?
लेकिन हम इंसान तो ईश्वर की बराबरी नहीं कर सकते। ना ही हम में वह शक्ति है या तपस्या करने की ललक है जो हम अपने कठोर तप से भगवान को प्रसन्न करके गायब होने जैसी शक्ति का वरदान मांग सकें। तो फिर हम यह कला कैसे सीखेंगे? क्या कोई अन्य विकल्प है
हिमालय की पहाड़ियों पर
शायद है... कहते हैं भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में खासतौर से हिमालय की पहाड़ियों पर एक खास प्रकार की जड़ी-बूटी पाई जाती है। इस बूटी से एक विशेष गोली बनाई जाती है, जिसे खाकर मनुष्य अदृश्य हो जाता है।
 
सच्ची कहानी
क्रिस्टीन जांसटन और उनके पति एलन जांसटन 1975 की गर्मियों में उत्तरी ध्रुव की यात्रा पर गए थे। घूमते हुए चुलबुल क्रिस्टीन किसी बात पर खिलखिला कर जोर से हंसी और पगडंडी पर तेजी से भागी। अपनी पत्नी के इस मोहक अंदाज को कैमरे में कैद करने के लिए एलन कैमरे में व्यस्त हो गया। क्रिस्टीन दस-बारह कदम जाने के बाद सहसा रुकी और उसने मुस्कराते हुए अपने पति की ओर देखा। पर आश्चर्य एलन वहां नहीं था।
क्रिस्टीन के पति
ऐसा कैसे हो सकता है? आखिर एलन कहां गया? क्रिस्टीन ने अपने पति को बहुत खोजा, आवाज़ भी लगाई, वह रोई, चिल्लाई लेकिन एलन का कोई नामोनिशान ना मिला उसे। दरअसल एलन जिस जगह पर खड़े होकर कैमरे का फोकस सेट कर रहा था, वह वहीं से गायब हो गया था।
अजीबोगरीब घटना
इस बात की पुष्टि तब हुई जब पुलिस ने एलन की छानबीन की। क्रिस्टीन द्वारा पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखवाने के बाद सभी एलन की खोज में लग गए। पुलिसकर्मी अपने होशियार कुत्ते लेकर ठीक उसी स्थान पर पहुंचे जहां से एलन खोया था, लेकिन उन्हें अचंभा तब हुआ जब कुत्तों ने उस स्थान से आगे बढ़ने से मना कर दिया, जहां पर क्रिस्टीन ने आखिरी बार अपने पति को देखा था।
अमेरिका की कहानी
ऐसी ही एक और कहानी अमेरिका में भी मशहूर है... अमेरिका के टेनेसी स्थित गैलेटिन के निवासी डेविड लांग 23 सितम्बर, 1808 को दोपहर में किसी काम से घर से बाहर निकले। उस समय उनका 8 वर्षीय बेटा डेविड लांग और 11 वर्षीय बेटी सारा घर के बाहर खेल रहे थे।
अचानक गायब हुए डेविड
घर के बाहर निकलते ही डेविड की मुलाकात उनके एक न्यायाधीश मित्र आगस्टस पीक से हो गई। वे अपने एक दोस्त के साथ घुड़सवारी के लिए निकले थे। आगस्टस पीक से 'हाय-हैलो' करने के बाद जैसे ही डेविड लांग आगे बढ़ा कि अचानक वह गायब हो गया। यह देखकर आगस्टस उनका साथी तथा डेविड के बच्चे हैरान रह गए।
 
वे कहां गए?
मन में सवाल आता है कि आखिरकार ऐसा कैसे हो सकता है? आखिर यह कैसे हुआ? वह कहां गए और कैसे गए? इन सवालों के जवाब खोजना असंभव सा लगता है। अब तक तो हमने आपको किसी विशेष व्यक्ति के खो जाने की कहानियां सुनाई, लेकिन अब हम आपको पूरी की पूरी बस्ती के अचानक गायब हो जाने की एक कहानी सुनाएंगे।
जेएच ब्रेनन की किताब
प्रसिद्ध शोधकर्ता जेएच ब्रेनन ने अपनी पुस्तक 'द अल्टीमेट एल्सव्हेयर' में ऐसी अनेक घटनाओं का सविस्तार वर्णन किया है। ऐसी ही एक रोचक घटना 1930 में कनाडा के चर्चिल
थाने के पास घटी, जिसे सुनकर आज भी लोग दहल जाते हैं। उन्हें आज भी विश्वास नहीं होता कि ऐसी कोई घटना घटी थी...
पूरी बस्ती गायब हो गई
यह बात है अगस्त-सितम्बर के महीने की... थाने से कुछ दूरी पर अंजिकुनी नामक एस्किमो की बस्ती थी। एक दिन अचानक पूरी बस्ती के लोग न जाने कहां गायब हो गए। आश्चर्य का विषय यह था कि उनके घरों के सारे सामान मौजूद थे, बस वहां लोग नहीं थे। वे कहां गए, कब गए कोई नहीं जानता था, लेकिन उन खाली घरों को देखकर स्थानीय लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।

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