2.7.17

कंजूसी को कोसना उचित नहीं



     कहावत है कि उतने ही पैर फैलाओ जितनी चादर है, अन्यथा हाथ फैलाने की जरूरत पडने लगती है। हर उम्र में यह कहावत सटीक बैठती है। बजट और बचत का जीवन में बडा महत्व है। बूंद-बूंद से घडा भरता है और छोटी-छोटी बचत एक दिन बडा सा हौसला बन सकती है। इसलिए थोडी सी कंजूसी और बचत की आदत डालें तथा आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखें।
20+ बचत के नुस्खे
समझदारी से खर्च करने की आदत के कारण यदि दोस्तों-मित्रों से कंजूस की उपाधि मिलती है तो इसे दिल से न लगाएं, बल्कि खुश हो जाएं, क्योंकि आज की यह कंजूसी भविष्य के कल के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी|
1. सेविंग स्कीम्स का फायदा
यंगस्टर्स का सर्वाधिक खर्च होता है बस-ऑटो के किराये और मोबाइल पर। इसलिए कॉलेज आने-जाने के लिए स्टूडेंट पास बनवा कर रखें और मोबाइल का बिल कम करने के लिए कस्टमर केयर में फोन करके स्कीम्स के बारे में पता करें। खासतौर पर एसएमएस स्कीम्स के तहत मिलने वाली छूट का फायदा जरूर उठाएं। बेहतर हो कि प्रीपेड प्लान लें।
2. सेविंग अकाउंट : 
पोस्ट ऑफिस में बचत खाता खुलवाना छात्रों के लिए अच्छा विकल्प है। स्टूडेंट्स के लिए बनी पॉलिसीज की जानकारी लें। जीरो बैलेंस सुविधा के अलावा कई बैंक नि:शुल्क डिमांड ड्राफ्ट जैसी सुविधाएं भी प्रदान करते हैं, इनका लाभ उठाएं।
3. बजट बनाएं : 
सिंपल एक्सेल शीट या मोबाइल में प्लानर बना कर बजट तैयार कर सकते हैं। निश्चित और अप्रत्याशित खर्चो की लिस्ट बनाएं। ट्रांसपोर्ट, मोबाइल, बुक्स-स्टेशनरीज, एक्जैम फीस.., शॉपिंग, दोस्तों के साथ पार्टी जैसे मदों के अलावा अप्रत्याशित खर्च के लिए भी अमाउंट रखें। हॉस्टल में या घर से दूर रहते हैं तो यह इमरजेंसी फंड बहुत जरूरी है। इमरजेंसी में दोस्तों से उधार मांगने के बजाय छोटे-छोटे एडजस्टमेंट करें। जैसे मल्टीप्लेक्स में मूवी स्किप करें या हफ्ते में पिज्जा पार्टी को महीने में एक बार करें।
4. शॉपिंग में कंजूसी : 
मल्टीनेशनल ब्रैंड की टी-शर्ट, जींस और शूज पहनने की इच्छा पर लगाम कसें। 20 की उम्र में रु. 2500/- की जींस, रु. 3000/- के जूते या रु. 5000/- की घडी पहनना इतना भी जरूरी नहीं। ये आदतें पेरेंट्स की जेब पर भारी पडती हैं। खर्च को आधा करके देखें, अच्छा लगेगा। दोस्तों के साथ आउटिंग पर जाने से पहले अपनी जेब को बचाने के बारे में सोचें। कॉफी घर में भी अच्छी बन सकती है, उसके लिए महंगे कैफे में जाने की जरूरत नहीं है। महीने में 3-4 बार आउटिंग को घटा कर एक बार करें।
5. ऑनलाइन बार्गेनिंग : 
दोस्तों के साथ लंच या मूवी की प्लानिंग है तो इंटरनेट सर्फिग जरूर कर लें। इसमें डिस्काउंट्स के बारे में अच्छी जानकारी मिल सकती है। कई बार रेस्तरां, मल्टीप्लेक्स मूवी टिकट्स के अलावा जिम, स्पा या अन्य जगहों पर हेवी डिस्काउंट्स मिल जाते हैं, इनका लाभ उठाएं। कुछ स्थानों पर स्टूडेंट्स के लिए खास छूट होती है, इसका पता लगाएं।
6. पॉकेट मनी बढाएं : 
पेरेंट्स से पॉकेट मनी बढाने की डिमांड करने के बजाय कुछ ऐसा करें, जिससे ज्ञान भी बढे और पॉकेट मनी भी। पार्टटाइम ट्यूशन क्लासेज, रेडियो-टीवी टॉक शोज, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के अलावा पत्र-पत्रिकाओं में कैश-प्राइज वाले क्विज में हिस्सा लेकर अपनी आय बढाई जा सकती है।
30+सेविंग टिप्स
यह दौर करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उम्र के इस पडाव पर घरेलू जिम्मेदारियां बहुत बढ जाती हैं। आवश्यकताएं दो तरह की होती हैं। बुनियादी या अनिवार्य आवश्यकता (रोटी, कपडा और मकान), सुख-सुविधा से जुडी आवश्यकता (गैजेट्स, कार आदि)। जरूरतें पूरी करें, सपने भी, लेकिन हर महीने आमदनी का एक हिस्सा बचत के लिए अवश्य रखें।
1. खर्च पर लगाम : 
बुनियादी जरूरतें पूरी हों, यह जरूरी है। इनके बाद अपनी हर जरूरत के बारे में सोचने-समझने की जरूरत है।
2. बजट बनाएं : 
आमदनी और खर्च को सही ट्रैक पर रखने के लिए बजट बनाना जरूरी है। एक निश्चित हिस्सा इमरजेंसी खर्च और सेविंग का रखें। हर महीने अपने बजट को देखें और इसका आकलन करें कि किस मद में खर्च अधिक हो रहा है, ताकि उसमें कमी ला सकें।
3. हेल्थ ही वेल्थ है :
 खर्च को अत्यधिक नहीं बढाना है तो अभी से हेल्थ में निवेश करना शुरू करें। इस उम्र में अकसर लोग स्वास्थ्य को नजरअंदाज करते हैं। अभी ध्यान नहीं देंगे तो भविष्य में मेडिकल बिल्स के भुगतान में उम्र कटेगी। अपनी दिनचर्या सुधारें, मेडि क्लेम पॉलिसीज लें। कुछ ऐसी पॉलिसीज भी लें, जिनसे आपात स्थिति में फायदा मिले। बहुत से लोग सोचते हैं कि अभी तो वे युवा हैं तो उन्हें किसी इंश्योरेंस पॉलिसी की जरूरत नहीं है, लेकिन जितनी जल्दी इनमें निवेश करेंगे, भविष्य में लाभ उतना ही बढेगा।
4. बीमा पॉलिसीज लें : 
पॉलिसीज लेते हुए ध्यान रखें कि वह कितने समय में मैच्योर होगी। मनीबैक या अन्य कोई पॉलिसी लेते हुए ध्यान रखें कि उनका मैच्योरिटी पीरियड कब का है। अगर 40 की उम्र में पैसे की जरूरत है और पॉलिसी 50 की उम्र में मैच्योर हो तो इससे लाभ नहीं होगा। पॉलिसीज के साथ कई बार लुभावने ऑफर्स या छूट भी मिलती हैं, इनका लाभ अवश्य लें।
5. रिस्क फैक्टर : 
निवेश में रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखें। अब लोग म्युचुअल फंड्स में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। निवेश में इस बात को ध्यान में रखें कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए आप कितना जोखिम उठा सकते हैं। एक दौर था जब शेयर मार्केट में लोग पैसा लगा रहे थे, लेकिन आर्थिक मंदी के आते ही इसमें जोखिम का एहसास हुआ और लोग गोल्ड बॉंड्स और म्युचुअल फंड्स की ओर मुड गए। अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किए गए निवेश पर आप किस हद तक नुकसान झेल सकते हैं, इसका आकलन कर लें।
6. निवेश के लिए : 
उम्र, आय और भविष्य की सुरक्षा पर विचार करने के बाद ही निवेश की ओर ेकदम बढाएं। इक्विटी, फिक्स्ड आय, रीअल एस्टेट, गोल्ड या कमोडिटीज, प्रॉपर्टी में निवेश किया जा सकता है। युवाओं में इस समय सर्वाधिक क्रेज प्रॉपर्टी का दिख रहा है। लोग इसमें सुरक्षित भविष्य के सपने देख सकते हैं।
7. लोन कितना : 
लोन अगर घर के लिए लिया जा रहा हो तो यह निवेश का हिस्सा समझा जाता है। इनकम टैक्स में छूट भी मिलती है, लेकिन छोटी-मोटी जरूरतों के लिए लोन लेने से नुकसान हो सकता है। लोन उतना ही लें जितने में जरूरत पूरी हो और अधिक भार भी न पडे। कुल आमदनी का चौथाई हिस्सा ही लोन पर खर्च करें।
8. क्रेडिट का‌र्ड्स और बिल :
 क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा डेट हैं तो इसका असर मासिक बचत पर पडेगा। क्रेडिट कार्ड का बकाया हर महीने चुकाएं। पहले से बैलेंस है तो इसका इस्तेमाल न करें। बेहतर हो शॉपिंग के लिए कैश या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करें। बिल्स समय पर अदा करें और पैनल्टी से बचें। बैंक की ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ लें।
9. डिस्काउंट्स : 
कोई भी बडा सामान, ग्रॉसरी, गैजेट या कपडे खरीदते हुए स्टोर से डिस्काउंट्स के बारे में पूछें। इसमें कोई बुराई नहीं है। ग्रॉसरी स्टोर, सुपर मार्केट में मिलने वाले डिस्काउंट्स या एक के साथ एक फ्री जैसी स्कीम्स लाभदायक होती हैं। इंटरेस्ट-फ्री किस्तों पर सामान मिल रहा हो तो एक साथ बडा अमाउंट देने की क्या जरूरत है!
10. आदतें सुधारें
धूम्रपान, एल्कोहॉल जैसी लत पैसा नहीं बचने देतीं, इसलिए इनसे दूर ही रहें। घर में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को स्टैंड बाय पर न छोडें। रेडियो, माइक्रोवेव, डीवीडी, टीवी और एसी जैसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल में न हों तो प्लग को सॉकेट से निकाल कर रखें। स्मार्ट पावर स्ट्रिप या मल्टी प्लग खरीद सकते हैं, जिनसे बिजली बच सकती है। ट्रांसपोर्ट का खर्च बचाएं। घर से मेट्रो, बस या ऑटो स्टेशन 1-2 किलोमीटर की दूरी पर है तो वॉक करते हुए भी जा सकते हैं। सेहत भी अच्छी रहेगी और कन्वेंस बचेगा। मूवी वीकेंड के बजाय वीक डेज में देखें। आधे पैसे में मूवी का मजा ले सकेंगे। शॉपिंग भी वीक डेज में करने से कई डिस्काउंट्स मिल सकते हैं। ऑफर्स का लाभ उठाएं।
40+ताकि वृद्धावस्था बीते चैन से
इस उम्र से रिटायरमेंट की तैयारी शुरू कर दें। अगर आपने इस उम्र से अपनी तैयारी पूरी कर दी है तो भविष्य में आपके सामने मुश्किलें नहीं आएंगी। अब जो भी निवेश करें, उसमें कुछ बातों का ध्यान रखें।
1. निवेश में रखें ध्यान : 
मौजूदा पोर्टफोलियो की मैच्योरिटी, लक्ष्य व जरूरतें, जोखिम सहने की क्षमता, निवेश के नए माध्यमों के बारे में पता करते रहें। अपनी पूंजी की सुरक्षा के बारे में पता करें, सुरक्षित स्थान पर ही पैसा लगाएं, भले ही रिटर्न कम मिले, लेकिन रिस्क कम रहे। 50 की उम्र के बाद शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट सही है। पेंशन प्लान लें।
2. समय न गंवाएं : 
40 की उम्र चिंतित होने के लिए नहीं होती। लेकिन इसी उम्र से सही जगह पर बचत के बारे में सोचना शुरू कर दें। आपके पास नियमित काम करने के लिए अभी 20 वर्ष हैं, लेकिन इतने सालों की बचत ही भविष्य में हर बुरे समय में काम आएगी। इसके लिए किसी क्वॉलिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह लें, जो आपको भविष्य के लिए सही निर्णय लेने में मदद करे।
3. कर्ज घटाएं : 
लोन या ेकर्ज घटाना शुरू कर दें। बेशेक हाउसिंग लोन से आयकर में छूट मिलती है, लेकिन किस्तें कम रहें और 50 की उम्र तक न्यूनतम ेकर्ज ही बचे। इस उम्र तक अपना घर खरीद लिया है तो भविष्य में कई झंझटों से बचे रह सकते हैं।
4. रिटायरमेंट प्लानिंग : 
फाइनेंशियल एक्सप‌र्ट्स के अनुसार ज्यादातर लोगों को रिटायरमेंट के बाद अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए मौजूदा आमदनी का कम से कम 70 फीसदी हिस्सा चाहिए। इसकी तैयारी शुरू कर दें। इसके लिए एक्सपर्ट की सलाह लें।
5. बचत, बचत और बचत :
 रचनात्मक कार्य से जुडे हैं तो रिटायर होने के बाद भी काम कर सकते हैं। कोई नई स्किल डेवलप करने के बारे में भी सोच सकते हैं।

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