24.6.17

भाग्य चमकाने के उपाय और टोटके



 भाग्य का रूठ जाना, बुरे दिन और ग्रहों की कुदृष्टि एक बीमारी की तरह है। जिस प्रकार बीमारी का इलाज किया जाता है ठीक उसी प्रकार आप बुरे दिनों के प्रभाव को मिटा सकते हैं परन्तु बीमार के ठीक होने जाने पर उसे पूर्ण स्वस्थ और सबल बनाने के लिए ताकत की दवाएं और विशेष भोजन देना पडता है, ठीक उसी प्रकार बुरे दिनों को हटाने वाले कार्य करने और उनमें कुछ सफलता प्राप्त करने के पश्चात् भाग्यवृद्धिकारक कुछ उपाय भी करने होंगे। वास्तविकता तो यह है कि दुर्भाग्य को हटाने वाले प्रयासों के साथ-साथ ही ये सौभाग्यवर्द्धक टोने-टोटके भी चलते ही रहते है। परन्तु यहां एक विशेष अन्तर है। दुर्भाग्य हटाने और ग्रह पीडा निवारण के उपाय तो केवल बुरे दिनों में ही किए जाते हैं, परन्तु इस प्रकार के तावीज आदि तो अधिकांश व्यक्ति जीवन भर पहने रहते हैं। नित्य उपयोगी कुछ सुझाव अपनी सफलताओं पर कभी गर्व न करें, बल्कि प्रत्येक उपलब्धि को ईश्वर की कृपा का प्रसाद मानकर सहज भाव से ग्रहण करें। दीन-दुखियों की सहायता करना, भूखे को भोजन और भटके को राह दिखलाना भाग्य चमकाने का सबसे बडा टोटका है क्योंकि उनकी दुआएं हमारी प्रगति में परम सहायक सिद्ध होती है।  
गरीब और कमजोर को सताने पर उसके मुख से जो हाय निकलती है, वह हमारे सभी पुण्यफलों को क्षीण कर देती है जिसके फलस्वरूप कभी भी भाग्य का सितारा डूब सकता हैं, अत: विशेष सावधानी आवश्यक है। भाग्य चमकाने का सबसे बडा गृढ रहस्य सबसे सहयोगपूर्ण और ईमानदारी का व्यवहार है। धूर्त और बेईमान का भाग्य कभी साथ नहीं देता। भाग्य चमकाने का शक्तिशाली टोटका होली के पर्व से एक दिन पूर्व संध्या काल में जिस पलाश वृक्ष पर बांदा हो उसी पेड को निमंत्रण देकर आएं। कुंकुम-अक्षत, सुपारी नैवेद्य आदि भेंट कर निवेदन करें कि कल्याणकारी कार्य के लिए मैं आपका बांदा ले जाऊंगा। क्षमा करें। होली वाले दिन प्रात: सूर्य उदय हो जाने से पूर्व वह बांदा ले आएं और गन्धाक्षत पुष्प से मंत्रोपचार पूजा करें, देवदारू की धूप दें, मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं। अब निम्न मंत्र को 1008 बार जप कर बांदे को अपनी तिजोरी में जहां रकम गहने आदि रखते हैं, रख दें। ओम वृक्षराज! वमृद्धस्त्वं, त्रिषु लोकेशु वर्तसे। करू धान्य समृद्धि त्वं, क्षेत्रे कौटोधवर्जिते।।  


सोया भाग्य जगाने वाले चार तावीज इनमें से कोई भी यंत्र लिखने के बाद धूप-दीप से पूजा करके तावीज में रखकर बांह अथवा गले में बांधें। भाग्य जगाने का तांत्रिक टोटका सोलह खाने के इस तांत्रिक यंत्र को एक पर्याप्त बडे कागज पर अष्टगंध से लिखकर इसकी धूप-दीप से पूजा करें।
पूरे भक्ति भाव से इसे सीसे में मढवाकर पूजा स्थल में रखें और अन्य देवों के साथ इसकी भी नित्य पूजा करें। यह बहुत शाक्तिशाली यंत्र है परन्तु महिलाएं और नित्य पूजा न करने वाले पुरूष इसका प्रयोग न करें, इसकी प्रात: काल नित्य धूप-दीप से पूजा करने पर ही यह अपना प्रभाव दिखला पाता है। शांति, खुशियों के लिए तावीज किसी शुभ मुहूर्त में निम्नलिखित यंत्र की रचना करनी चाहिए। इसके लिए भोजपत्र का अनार या चमेली की कलम द्वारा लौंग व कपूर के पानी में यंत्र लिखें और धूप, दीप, नैवेद्य से पूजा करें। फिर यंत्र को मोडकर चांदी या तांबे के तावीज मेंरखकर, दाहिने हाथ में धारण करें। सुख, सौभाग्य, संपदा और मानसिक शांति तथा उत्साह व प्रसन्नता की वृद्धि के लिए वह तावीज बहुत श्रेष्ठ है। सम्मान, सफलता दिलाने वाला गंडा इस सुलेमानी नक्श अर्थात यंत्र को अनार की कलम से, अष्टगंध स्याही से भोजपत्र पर लिखकर, गुग्गल की धूनी देकर और तांबे के तावीज में बंद करके अपनी बांह अथवा कमर में बांध लें।

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