13.11.16

नहाने के पानी का ये प्राचीन उपाय करने से दूर हो सकती है दरिद्रता





नहाने के पानी का ये प्राचीन उपाय करने से दूर हो सकती है दरिद्रता :
नहाने से स्वास्थ्य लाभ और पवित्रता मिलती है। सभी प्रकार के पूजन कर्म आदि नहाने के बाद ही किए जाते हैं,
इस कारण स्नान का काफी अधिक महत्व है। पुराने समय में सभी ऋषि-मुनि नदी में नहाते समय सूर्य को जल अर्पित करते थे और मंत्रों का जप करते थे। इस प्रकार के उपायों से अक्षय पुण्य मिलता है और पाप नष्ट होते हैं।
ज्योतिष में धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो अलग-अलग समय परकिए जाते हैं। नहाते समय करने के लिए एक उपाय बताया गया है। इस उपाय को सही विधि से हर रोज किया जाए तो निकट भविष्य में सकारात्मक फल प्राप्त हो सकते हैं।
नहाने से स्वास्थ्य लाभ तो होता ही है, साथ ही शरीर पवित्र भी हो जाता है। नहाकर आप तरोताजा महसूस करते है, साथ ही इसका एक और सबसे बड़ा फायदा आपको मिल सकता है,  


यदि आप नहाने के पानी के साथ ये उपाय भी करे। सभी प्रकार के पूजन कर्म आदि नहाने के बाद ही किए जाते हैं, इस कारण स्नान का जीवन में काफी अधिक महत्व है। पुराने समय में सभी ऋषि-मुनि नदी में नहाते समय सूर्य को जल अर्पित करते थे और मंत्रों का जप करते थे। इस प्रकार के उपायों से अक्षय पुण्य मिलता है और पाप नष्ट होते हैं।
ज्योतिष में धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो अलग-अलग समय पर किए जाते हैं। नहाते समय करने के लिए एक उपाय बताया गया है। इस उपाय को सही विधि से हर रोज किया जाए तो निकट भविष्य में शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
जानिए उपाय के बारे में ---
प्रतिदिन नहाने से पहले बाल्टी में पानी भरें और इसके बाद अपनी तर्जनी उंगली (इंडेक्स फिंगर) से पानी पर त्रिभुज का चिह्न बनाएं। त्रिभुज बनाने के बाद एक अक्षर का बीज मंत्र ‘ह्रीं’ उसी चिह्न के बीच वाले स्थान पर लिखें। साथ ही, अपने इष्ट देवी-देवता से परेशानियों दूर करने की प्रार्थना करें।
नहाते समय इन मंत्रों का जप करे---
शास्त्रों में दिन के सभी जरूरी कार्यों के लिए अलग-अलग मंत्र बताए गए हैं। नहाते समय भी हमें मंत्र जप करना चाहिए। स्नान करते समय किसी मंत्र का पाठ किया जा सकता है या कीर्तन या भजन या भगवान का नाम लिया जा सकता है। ऐसा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। और आपको शांति का अनुभव भी होता है। नहाते वक़्त सबसे अच्छा मंत्र यहाँ दिया गया है।
मंत्र: गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।
नदी में स्नान करते समय पानी पर ऊँ लिखकर पानी में तुरंत डुबकी मार लेनी चाहिए। ऐसा करने से नदी स्नान का पूर्ण पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा भी समाप्त हो जाती है। इस उपाय से ग्रह दोष भी शांत होते हैं।
शिव पुराण में बताये दरिद्रता दूर करने के लिए ये उपाय।

यदि आपके ऊपर किसी की बुरी नजर है तो वह भी उतर जाती है। अब यदि आप ये सब शुरू कर दे तो इसका फल आपको तुरंत ही दिखने लग जायेगा। आप के पास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, जिससे आपका हर काम आसानी से होता चला जायेगा और आपकी दरिद्रता दूर होने लगेगी।

एक टिप्पणी भेजें