28.10.16

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए क्या करें, क्या न करें

धन कमाने के रास्ते हर कोई तलाश रहा है, पर रास्ते भी भाग्य से मिलते हैं। भाग्य साथ न दे रहा हो तो हमारे शास्त्रों में ऐसे तमाम उपाय दिए हैं, जिन्हें हम आजमाएं तो भाग्य खुल भी जाता है, अन्यथा तात्कालिक जरूरत तो पूरी हो ही जाती है। यहां कुछ सरल उपाय दिए जा रहे हैं, जिनमें से कोई भी उपाय आप आसानी से कर सकते हैं।
एक-इस सरल प्रयोग को पूर्ण पवित्रता से करने पर लाभ अवश्य मिलता है। लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धन की वर्षा होती है। रूका पैसा तो मिलता ही है, आय के नए-नए साधन भी जुटने लगते हैं। सबसे पहले पूरी शुद्धता से नीचे दिए गए मंत्र की पहले 108 बार माला करें।


महालक्ष्मी मंत्र
‘ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नम:’
अब चांदी की एक छोटी-सी डिबिया लें। अगर चांदी की उपलब्ध नहीं हो तो किसी और शुद्ध धातु की डिबिया भी आप ले सकते हैं। इस डिबिया को ऊपर तक नागकेशर तथा शहद से भरकर बंद कर दें। दीपावली की रात्रि को इसका पूजन-अर्चन करके इसे अपने लॉकर या दुकान के गल्ले में रख दीजिए। रखने के बाद इसे खोलने की जरूरत नहीं है और ना ही और कुछ उपाय करने की। फिर अगली दीपावली तक इसे लॉकर या गल्ले में रखी रहने दें। दिनों दिन बढ़ती लक्ष्मी का चमत्कार स्वयं दिखने लगेगा।

अगर कारोबार में नुकसान हो रहा हो तो रवि-पुष्प योग के दिन श्रद्धापूर्वक अमलतास के वृक्ष का पूजन करें। तीन-आर्थिक संपन्नता के लिए किसी भी माह के शुक्ल पक्ष को यह प्रयोग आरंभ करें और नियमित 3 शुक्रवार को यह उपाय करें
मंत्र: ॐ श्रीं श्रीये नम:। इस मंत्र का मात्र 108 बार जप करें। तत्पश्चात 7 वर्ष की आयु से कम की कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं। भोजन में खीर और मिश्री जरूर खिलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होगीं। आर्थिक परेशानी खत्म होगी।
जब भी कोई रत्न पूजन करके धारण करें, उसी समय उस रत्न से संबंधित सामग्री का दान करना चाहिए। दिवाली वाले दिन ऐसा जरूर करें।
ॐ महालक्ष्म्यै नम:। दिवाली से शुरू करके रोज़ाना 51 माला 40 दिन तक इस मंत्र का जाप करें। आपकी गरीबी दूर होने लगेगी।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नम:। इस मंत्र की 108 माला संभव हो तो दिवाली के दिन करें अन्यथा धनतेरस से शुरू करके दिवाली तक पूरी कर दें। इसके बाद नित्य 2 माला जप करें। आप स्वयं अनुभव करेंगे कि जीवन में सुगमता और सरलता के साथ धन आने लगा है।


धनतेरस की सायं से शुरू करके 51 माला रोज़ाना इन मंत्रों का क्रमवार जप करें और असर देखें। मंत्र हैं-ॐ आधलक्ष्म्यै नम:। ॐ विद्यालक्ष्म्यै नम:। ॐ सौभाग्यलक्ष्म्यै नम:। ॐ अमृतक्ष्म्यै नम:। ॐ कामलक्ष्म्यै नम:। ॐ सत्यलक्ष्म्यै नम:। ॐ भोगलक्ष्म्यै नम:। ॐ योगलक्ष्म्यै नम:।
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्ये(यै) च धीमही तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात। दिवाली से शुरू करके नित्य 11 माला 40 दिन तक करें और उद्यापन कर दें। यह चमत्कारिक रूप से लाभ देगा।
ॐ नमो धनदायै स्वाहा। दिवाली से शुरू करें और 21 माला रोज़ाना 40 दिन तक कर लें। तत्पश्चात हवन एवं उद्यापन कर दें। अवश्य लाभ होगा।
दिवाली के दिन सुबह गाय को आटे की पांच लोई सीधे हाथ से खिलायें और उसकी लार जो हथेली पर लगे, उसे अपने सिर से पौंछ लें। सायं घर के आसपास के मंदिर में घी के दीपक जलाएं और दिवाली पूजन के समय श्रीं श्रीं श्रीं मन में जपते रहें। रात को गोपाल सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें अथवा कराएं।
लक्ष्मी प्राप्ति के लिए क्या न करें
दोनों हाथों से सिर नही खुजलाना चाहिए, अपने हाथों से शरीर के किसी अंग को नही बजाना चाहिए, पैर पर पैर रखकर नही बैठें, पैरों को नही हिलाएं,मिट्टी के ढ़ेलों को नही फोड़े, देवताओं एवं वरिष्ठों के सामने थूकना, पैर से आसन खिंचकर नही बैठे ऐसा करने से लक्ष्मी का नाश होता है।

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