23.9.16

किचन के लिए वास्तु Kitchen Ke Liye VastuTips || वास्तुटिप्स ||Vastu tips for the kitchen

किचन के लिए वास्तु  
 Kitchen Ke Liye 
VastuTips 



*खाना पकाने में इस्तेमाल किये जाने वाली वस्तुए, अनाज, मसाले, दाल, तेल, आटा और अन्य खाद्य सामग्रियों, बर्तन, क्रॉकरी इत्यादि के भंडारण के लिए स्थान पश्चिम या दक्षिण दिशा में बनाना चाहिए.
*वास्तु अनुसार रसोई घर की कोई दिवार शौचालय या बाथरूम के साथ लगी नहीं होनी चाहिए और रसोईघर, शौचालय और बाथरूम के नीचे या ऊपर भी नहीं होना चाहिए.
*रसोई का दरवाजा उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में खुलना चाहिए.
*खिड़किया और हवा वाहर फेखने वाला पंखा (exhaust fan) पूर्व में होना चाहिए, यह उत्तरी दीवार में भी लगाया जा सकता है.
* मकान का रसोईघर ईशान कोण में होने पर घर के लोग हर काम में या तो पूर्णतः असफल होते हैं या मामूली सफलता ही प्राप्त कर पाते हैं। घर के लोग धार्मिक होते हुए भी उत्तेजक स्वभाव वाले हो जाते हैं और घर में कलह-क्लेश होने लग जाता है। ऐसे घरों में रहने वाली महिलाओं के हाथ में घर की पूरी बागडोर तो होती ही है लेकिन फिर भी उनके जीवन में खुशियां नहीं रहतीं।
 *किचन के सामने बाथरूम कभी नहीं बनाना चाहिए। यह घर के लोगों का स्वास्थ्य तथा शांति को खत्म कर देता है।
 *रसोईघर में कभी भी स्टोर रूम नहीं होना चाहिए। ऐसा होने पर घर की लक्ष्मी रूठ कर चली जाती है और घर में निर्धनता का वास हो जाता है।



*रसोई घर में पूजा का स्थान यथा संभव नहीं होना चाहिए.
*खाने की मेज को रसोई घर में नहीं रखा जाना चाहिए और रखनी पड़ती हें तो यह उत्तर पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए और भोजन करते समय चेहरा पूर्व या उत्तर की देखते होना अच्छा है.
 *घर के आग्नेण कोण में रसोईघर बनवाने से घर की स्त्रियों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। वे मानसिक तौर पर शांत, प्रसन्न रहती हैं। साथ ही घर में हमेशा के लिए लक्ष्मी का वास हो जाता है।
 *यदि घर का रसोईघर नैऋत्य कोण में बनाया जाता है तो परिवार में हमेशा अपनापन और प्रेम बना रहता है। दांपत्य जीवन में भी रोमांस बना रहता है। नैऋत्य दिशा में किचन स्थित होने की वजह से घर की मुख्य महिला सारी खुशियां हासिल करती है। हालांकि इसका एक साइड इफेक्ट है कि घर में खाद्यान्न की बर्बादी तो होती है।
घर में अच्छे स्वास्थ्य और उर्जा के लिए वास्तु उन्मुख एक रसोई घर का एक बहुत महत्वपूर्ण महत्व है.
*यदि किसी मकान का रसोईघर वायव्य कोण में बनाया जाता है उस घर में रहने वालों का चरित्र स्वच्छ नहीं होता। उनके कई महिला तथा पुरुष मित्र होते हैं, साथ ही उस घर में रहने वाले अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार नहीं होते।
*घर के उत्तर दिशा में रसोई का होना, उस घर की महिलाओं को बुद्धिमान और बौद्धिक बनाता है। उस घर के पुरुष सरल स्वभाव के होते हैं और उन्हें व्यापार में सफलता मिलती है।



रसोईघर का स्थान
*रसोई घर के लिए सबसे उपयुक्त स्थान आग्नेय कोण यानि दक्षिण पूर्वी दिशा है जो कि अग्नि का स्थान होता हैं, दक्षिण पूर्व दिशा के बाद, दूसरी वरिएता का उपयुक्त स्थान उत्तर पश्चिम दिशा है |
*रसोईघर में सामान रखने के उपयुक्त स्थानकुकिंग स्टोव, गैस का चूल्हा या कुकिंग रेंज रसोई घर के दक्षिण पूर्वी कोने में होना चाहिए| यह स्टोव इस तरह से रखा जाना चाहिए जिससे की खाना बनाने वाला व्यक्ति, खाना बनाते वक्त पूर्व का सामना करे.
*पानी के भंडारण, आर ओ, पानी फिल्टर और इसी तरह के अन्य सामानों के लिए जहा पानी संग्रहीत किया जाता है, उपयुक्त जगह उत्तर पूर्व दिशा हें.
*पानी के सिंक के लिए जगह उत्तर पूर्व में होनी चाहिए.
*बिजली के सामान के लिए, दक्षिण पूर्व या दक्षिण दिशा है.
*फ्रिज पश्चिम, दक्षिण, दक्षिण पूर्व या दक्षिण पश्चिम दिशा में रखा जा सकता है.


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