21.9.16

अगर दुकान न चले तो करे ये उपाय|| बंधी दुकान को खोलने के उपाय ||चमत्कार...

अगर दुकान न चले
 तो करे ये उपाय|| 
 बंधी दुकान 
को खोलने के उपाय

बंधी दुकान को खोलने के लिए उपाय
दुकानदारी करने वाले कई लोगों के साथ कभी – कभी ऐसा होता हैं कि उनकी अच्छी – ख़ासी चल रही दुकान अचानक से ठप्प पड़ जाती हैं. चलती दुकान का अचानक से ठप्प पड़ जाना स्वाभाविक नहीं हो सकता. ऐसा किसी की नजर लग जाने के कारण या किसी तांत्रिक के मन्त्रों के प्रभाव के कारण हो सकता हैं. अपनी दुकान को पहले की भांति चलाने के लिए आप निम्नलिखित उपाय कर अपनी दुकान को खोल सकते हैं. इन उपायों को करते हुए किसी न किसी सिद्ध पुरुष की सहायता अवश्य लें. क्यूंकि अगर इन उपायों को गलत तरीके से किया गया तो इन उपायों का आपकी दुकान पर उलटा प्रभाव भी पड सकता हैं.
अगर आपकी दुकान को किसी ने बंधवा दिया हैं तो इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए शनिवार और मंगलवार को यह उपाय करें. इस उपाय को करने के लिए एक काले घोड़े की नाल लें और इस पर जल छिडक लें. अब थोडा चमेली का तेल लें और उसमें सिंदूर को मिला लें. अब इस लेप को घोड़े की नाल पर लगा लें. अब इस नाल को एक काला कपड़ा बिछाकर पटरे पर रख दें. अब एक कटोरी काला उरद लें और उसे पटरे के सामने रख दें. अब एक लोटे में जल लें और पांच अगरबत्ती लें. अब जल को भी पटरे के सामने रख दें और अगरबत्ती को जला लें. अब हनुमान जी का नाम लें और उनसे प्रार्थना करें की वो इस नजर को उतार दें. अब एक मन्त्र का जाप 1008 बार करें.
ॐ नमो आदेश, तू ज्या नावें, भूत पले, प्रेत पले, खबीस पले, अरिष्ट पले, न पले तर गुरु की, गोरखनाथ की बिदयां ही चले.
अथवा




गुरु संगत, मेरी भगत चले मन्त्र ईश्वरी वाचा.
1008 बार इस दोनों मन्त्रों में से किसी एक का जप करने के बाद जल में फूंक मारे. अब काले घोड़े की नाल को अपनी दुकान के सामने ऐसे लगा दें की जो भी आपकी दुकान पर आये उसकी नजर इस पर जरूर पड़े. अब जल लें और उसे पूरी दुकान में छिडक दें तथा जो जल बच गया हैं उसे चौराहे पर डाल दें. अब काली उडद की दाल की कटोरी लें और दाल को भी चौराहे पर डाल दें. इस उपाय को करने से आपकी दुकान पहले की भांति चलने लगेगी.
अपनी दुकान को नजर से बचाने के लिए या मन्त्रों के प्रभाव को खत्म करने के लिए भी आप एक और उपाय कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए सुबह उठकर स्नान कर लें और एक बिना धुला हुआ लाल रंग का कपड़ा लें. अब इस कपडे को एक लकड़ी की चौकी पर या पटरे पर बिछा लें. अब 125 ग्राम कला उडद लें, 125 ग्राम कला तिल लें. सात लौंग लें. सात साबुत मिर्च लें. एक जटा वाला नारियल लें और गोमती चक्र ले. अब इन सभी को पटरे पर रख दें. अब एक कटोरी में सरसों का तेल लें और हनुमान जी की एक तस्वीर लें. हनुमान जी की तस्वीर लकड़ी के पटरे पर रख दें. अब एक घी का दीपक जला लें और हनुमान जी की तस्वीर के सामने रख दें. दीपक जलाने के बाद हनुमान जी को लड्डू का भोग लगायें. इसके बाद एक सादा मसाले का पान लें और उसमें इलायची और लौंग डाल दें. अब थोड़ा सा सिंदूर लें और उसे सभी चीजों पर थोडा – थोडा छिडक दें और हनुमान जी से प्रार्थना करें की आपकी दुकान पहले की भांति चलने लग जाये. प्रार्थना करने के बाद लाल चंदन की माला लें और उससे

हं हनुमते नम:

मन्त्र का 1008 बार जप करें. जाप करने के बाद नारियल और गोमती चक्र को लाल कपड़े में लपेट कर अपनी दुकान में रख दें. बची हुई सामग्री को अपनी दुकान पर 7 बार उसार कर तेल सहित पीपल के पेड़ की जड़ में रख दें. इस उपाय को करने से आपकी ठप्प दुकान दुबारा से चल जाएगी.
* दुकान के ठप्प पड़ने पर आप लोबान का भी उपयोग कर सकते हैं. नजर उतारने के लिए दुकान में रोजाना लोबान की धूप जलाएं.

* बंधी हुई दुकान को खोलने के लिए आप निम्बू तथा हरी मिर्च का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए शनिवार के दिन एक निम्बू और सात हरी मिर्च को अपनी दुकान पर लटका दें.

*अगर आपकी दुकान तंत्रों के द्वारा बंधी हुई हैं. तो दुकान को खोलने के लिए आप नागदमन के पौधे की जड़ का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए नागदमन के पौधे की जड को दुकान के बाहर लटका दें. इसे लटकाने से बंधी हुई दुकान खुल जाती हैं.
*. बंधी हुई दुकान को खोलने के लिए लक्ष्मी जी की पूजा करना भी बहुत ही फायदेमंद होता हैं. इस उपाय को करने के लिए रोजाना शाम को माता लक्ष्मी जी के सामने एक दिया जलाएं और उनसे अपनी दुकान पर आने वाले हर कष्ट को दूर करने की प्रार्थना करें. 



*दुकान पर आये किसी भी तरह के कष्ट के निवारण के लिए आप एक और उपाय कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के सामने मोगरे के फूल और चमेली के फूलों को चढ़ाएं. इन दोनों उपायों को करने से आपकी दुकान पहले की भांति चलने लगेगी.
* बंधी हुई दुकान को खोलने के लिए आप अशोक वृक्ष के पत्तों का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए अशोक के वृक्ष के पत्तों को लें. पत्तों का प्रयोग करने से पहले यह ध्यान से देख लें कि कोई भी पत्ता खण्डित न हो. अब अखण्डित पत्तों को लाकर उन्हें जल से अच्छी तरह से धो लें. अब एक सूती धागा लें और उसे पीसी हुई हल्दी में डाल कर रंग दें. अब इस धागे में अशोक के पत्तों को बांध दें और उसे अपनी दुकान के मुख्य द्वार पर लटका दें. दुकान पर पत्तों को लटकाने से आपकी दुकान खुल जाएगी.

*दुकान पर किसी की नजर न लगें तथा किसी के मन्त्रों का प्रभाव न पड़े इस के लिए भी आप एक उपाय कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए एक मोरपंख की झाड़ू लें और इस मन्त्र का उच्चारण करें.

‘ ॐ ह्रीं ह्रीं क्रीं ’

इस मन्त्र का उच्चारण करने के बाद मोरपंख की झाड़ू लें और उससे दुकान की प्रत्येक वस्तु को साफ करें. इस उपाय को करने से दुकान पर किसी की बुरी नजर का प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा किसी के मन्त्रों का भी प्रभाव आपकी दुकान पर नहीं होगा.

* दुकान पर किसी की बुरी नजर न पड़ें इस के लिए आप घोड़े की नाल का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए एक काले घोड़े की नाल लें और उसे दुकान के मुख्य द्वार पर ठोक दें. मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल को ठोकने से किसी की बुरी नजर का असर आपकी दुकान पर नहीं होगा.


* बंधी हुई दुकान को खोलने के लिए आप शुकर दंत का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस उपाय को करने के लिए एक शुकर दंत लें और उसे अपनी दुकान की दीवार पर इस प्रकार लगा दें कि उस पर सभी की नजर पड़ें.


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