28.6.16

रवीद्र नाथ टैगोर के अनमोल वचन


१*"प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।"
"सिर्फ तर्क करने वाला दिमाग एक ऐसे चाक़ू की तरह है जिसमे सिर्फ ब्लेड है। यह इसका प्रयोग करने वाले को घायल कर देता है।"
"A mind all logic is like a knife all blade. It makes the hand bleed that uses it."-
२*"फूल की पंखुड़ियों को तोड़ कर आप उसकी सुंदरता को इकठ्ठा नहीं करते। "
"By plucking her petals, you do not gather the beauty of the flower."-e
३*"मौत प्रकाश को ख़त्म करना नहीं है; ये सिर्फ भोर होने पर दीपक बुझाना है।"
"Death is not extinguishing the light; it is only putting out the lamp because the dawn has come."
४* "मित्रता की गहराई परिचय की लम्बाई पर निर्भर नहीं करती।"-
"Depth of friendship does not depend on length of acquaintance."-
५*"प्रत्येक शिशु यह संदेश लेकर आता है कि ईश्वर अभी मनुष्यों से निराश नहीं हुआ है।"
"Every child comes with the message that God is not yet discouraged of man."
६*"जो कुछ हमारा है वो हम तक तभी पहुचता है जब हम उसे ग्रहण करने की क्षमता विकसित करते हैं। "
"Everything comes to us that belongs to us if we create the capacity to receive it."-
७*"आस्था वो पक्षी है जो भोर के अँधेरे में भी उजाले को महसूस करती है।"
"Faith is the bird that feels the light when the dawn is still dark."
८*"वे लोग जो अच्छाई करने में बहुत ज्यादा व्यस्त होते है, स्वयं अच्छा होने के लिए समय नहीं निकाल पाते।"-
"He who is too busy doing good finds no time to be good."-


९*"कलाकार प्रकृति का प्रेमी है अत: वह उसका दास भी है और स्वामी भी।"
१०*"मैंने स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है. मैं जागा और पाया कि जीवन सेवा है. मैंने सेवा की और पाया कि सेवा में ही आनंद है."
"I slept and dreamt that life was joy. I awoke and saw that life was service. I acted and behold, service was joy."
११*"यदि आप सभी गलतियों के लिए दरवाजे बंद कर देंगे तो सच बाहर रह जायेगा।"
"If you shut the door to all errors, truth will be shut out.
१२* "कला के मध्यम से व्यक्ति खुद को उजागर करता है अपनी वस्तुओं को नहीं। "
"In Art, man reveals himself and not his objects."-


1 टिप्पणी:

साधना परमार झाबुआ ने कहा…

महापुरुषों के व्यक्तित्व,कृतित्व औए समाज हितेशी उपक्रमो का विशद विवेचन अथवा महिमा मंडनसमाज की उत्तर पीढ़ियों सम्पन्न करती हैं |