28.6.16

भगवान बुद्ध के वचन


1 * हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है , तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती

All that we are is the result of what we have thought. If a man speaks or acts with an evil thought, pain follows him. If a man speaks or acts with a pure thought, happiness follows him, like a shadow that never leaves him.

2*
हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाये.

Better than a thousand hollow words, is one word that brings peace.

3*
सभी बुरे कार्य मन के कारण उत्पन्न होते हैं. अगर मन परिवर्तित हो जाये तो क्या अनैतिक कार्य रह सकते हैं?
All wrong-doing arises because of mind. If mind is transformed can wrong-doing remain?
4*
एक जग बूँद बूँद कर के भरता है.

A jug fills drop by drop.

5*
अतीत पे धयान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे केन्द्रित करो.
Do not dwell in the past, do not dream of the future, concentrate the mind on the present moment.

6*

स्वस्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा सम्बन्ध है.
Health is the greatest gift, contentment the greatest wealth, faithfulness the best relationship.

7*
जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती , मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता.
Just as a candle cannot burn without fire, men cannot live without a spiritual life.
8*
तीन चीजें जादा देर तक नहीं छुप सकती, सूरज, चंद्रमा और सत्य.

Three things cannot be long hidden: the sun, the moon, and the truth.
9*
अपने मोक्ष के लिए खुद ही प्रयत्न करें. दूसरों पर निर्भर ना रहे.

Work out your own salvation. Do not depend on others.

10*
तुम अपने क्रोध के लिए दंड नहीं पाओगे, तुम अपने क्रोध द्वारा दंड पाओगे.
You will not be punished for your anger, you will be punished by your anger.

11*

किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से ज्यादा डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुक्सान पहुंचा सकता है.

An insincere and evil friend is more to be feared than a wild beast; a wild beast may wound your body, but an evil friend will wound your mind.
12*
आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से इर्श्या कीजिये. जो दूसरों से इर्श्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती.
Do not overrate what you have received, nor envy others. He who envies others does not obtain peace of mind.
13*
घृणा घृणा से नहीं प्रेम से ख़तम होती है, यह शाश्वत सत्य है.
Hatred does not cease by hatred, but only by love; this is the eternal rule.

14*
वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं है.
He who loves 50 people has 50 woes; he who loves no one has no woes.

15*
क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.
Holding on to anger is like grasping a hot coal with the intent of throwing it at someone else; you are the one who gets burned.

16*
चाहे आप जितने पवित्र शब्द पढ़ लें या बोल लें, वो आपका क्या भला करेंगे जब तक आप उन्हें उपयोग में नहीं लाते?
However many holy words you read, however many you speak, what good will they do you if you do not act on upon them?
17*
मैं कभी नहीं देखता की क्या किया जा चुका है; मैं हमेशा देखता हूँ कि क्या किया जाना बाकी है.
I never see what has been done; I only see what remains to be done.

18*
बिना सेहत के जीवन जीवन नहीं है; बस पीड़ा की एक स्थिति है- मौत की छवि है.

Without health life is not life; it is only a state of langour and suffering – an image of death.
19*.
हम जो सोचते हैं , वो बन जाते हैं.

What we think, we become.

20*.
शक की आदत से भयावह कुछ भी नहीं है. शक लोगों को अलग करता है. यह एक ऐसा ज़हर है जो मित्रता ख़तम करता है और अच्छे रिश्तों को तोड़ता है.यह एक काँटा है जो चोटिल करता है, एक तलवार है जो वध करती है.




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