15.11.17

करेंट अफेयर्स प्रश्न उत्तर 2017


1. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किस पूर्व केंद्रीय गृहसचिव को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया है? –अनिल बैजल
2. किस संस्था ने सीरिया में राष्ट्रव्यापी संघर्ष विराम के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी? – संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
3. कौनसा राज्य 10वीं बार राष्ट्रीय साइक्लिंग चैंपियन बना? – केरल
4. किस देश में वहाँ के उच्चतम न्यायालय ने महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक पर सरकार को हरी झंडीदी? – नेपाल
5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर 2016 को आधार आधारित किस मोबाइल पेमेंट ऐप को जारी किया? –भारत इंटरफेस फॉर मनी
6. राष्ट्रपति द्वारा नोटबंदी से सम्बंधित किस अध्यादेश को मंजूरी प्रदान की गयी? – बैंक नोटअध्यादेश-2016 (देनदारियों की समाप्ति)
7. भारत के उत्तर पूर्व में किस स्थान पर आयुर्वेद संस्थान का शुभारंभ किया गया? – शिलांग
8. किस केन्द्रीय मंत्री ने हाल ही में भारतीय हज कमैटी मोबाइल एप का शुभारंभ किया? – मुख्तार अब्बासनकवी
9. सुप्रीम कोर्ट ने किसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाये जाने का आदेश जारी किया? –अनुराग ठाकुर
10. हाल ही में किस देश ने हैकिंग की घटना पर रूस पर प्रतिबंध लगाया? – अमेरिका
11. किसे ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा नाईटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया? – शंकरबालासुब्रमण्यन
12. किस देश के राष्ट्रपति ने सोरिन ग्रिनडेनू को देश का नया प्रधानमंत्री नामित किया? – रोमानिया
13. नागरिक डेटाबेस बनाने के लिए हरियाणा ने किस राज्य के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया? –आंध्र प्रदेश
14. हाल ही में पाकिस्तान में 25वें मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की गयी, मुख्य न्यायाधीश का क्या नाम है? – मियाँ साकिब निसार
15. कौन सा राज्य वर्ष 2022 के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करेगा? – मेघालय
16. भारत के किस शहर में एप्पल द्वारा आईफोन की विनिर्माण ईकाई स्थापित किये जाने की घोषणा कीगयी? – बेंगलुरु
17. अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री 43 में से कितने विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गये तथाराज्य में बीजेपी की सरकार का गठन किया? – 33
18. किस प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को उपमुख्यमंत्री सहित पार्टी से निलंबित कर दिया गया? – अरुणाचलप्रदेश
19. भारत के किस शहर को स्मार्ट सिटी में बदलने हेतु लार्सन एंड टुब्रो कंपनी (एलएंडटी) को अनुपालनसाझेदार चयनित किया गया है? – पुणे
21. भारत में पंचाट तंत्र के संस्थानीकरण की समीक्षा करने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किनकीअध्यक्षता में किया गया है? – न्यायमूर्ति बी.एन. श्रीकृष्णा
 

22. पाकिस्तान के सबसे उम्रदराज किस क्रिकेट खिलाड़ी का 31 दिसम्बर 2016 को निधन हो गया? –इम्तियाज अहमद
23. एनीमेटेड फिल्मों के किस लीजेंड का 30 दिसम्बर 2016 को निधन हो गया? – टायरस वोंग
24. किस बीमारी के लिए विश्व का पहला टीका विकसित किया गया? – चिकनगुनिया
25. चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी का चेअरमैन किसे नियुक्त किया गया है? – सुनील लांबा
26. डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन) ने 2 जनवरी 2017 को बालासोर से अग्नि-4मिसाइल का टेस्ट किया। इसकी प्रहार रेंज कितने किमी है? – 4 हजार
27. सिक्स-रेड स्नूकर का राष्ट्रीय खिताब किसने जीता? – पंकज आडवाणी
28. किस एशियाई देश ने 12,000 किलोमीटर दूर स्थित लंदन तक रेल सेवा आरंभ की? – चीन
29. महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने महाधिवक्ता के रूप में किसे नियुक्त किया है? – रोहित देव
30. भारतीय महिला हॉकी टीम ने अंडर-18 एशिया कप में कौनसा पदक जीता? – कांस्य पदक
31. देश का पहला डिजी धन मेला कहाँ आयोजित किया गया? – गुरुग्राम
32. हरिद्वार और किस शहर में नमामि गंगे के तहत कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली? – वाराणसी
33. किस देश ने सामूहिक बलात्कार तथा घरेलू हिंसा को अपराध घोषित करने हेतु बिल ड्राफ्ट किया है? –म्यांमार
34. भारत और किस देश ने डीटीएए में संशोधन के लिए तीसरे प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किया? – सिंगापुर
35. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने किस पूर्व कप्तान को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज के लिए टीम कासहायक कोच नियुक्त किया है? – रिकी पोंटिंग
36. किस स्थान पर 60 हजार वर्ग किमी के डेड जोन का पता चला? – बंगाल की खाड़ी
37. फार्क विद्रोहियों के लिए क्षमादान प्रस्ताव किस देश ने पारित किया है? – कोलंबिया
38. राष्ट्रपति ने संघ लोक सेवा आयोग के किस सदस्य को अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है? – प्रो डेविड आर.सिम्लिह
39. वर्ष 2016 का एआईएफएफ प्लेयर ऑफ द इयर का पुरस्कार किसने जीता? – जेजे लालपेखलुआ
40. किस देश की सरकार ने मार्च के अंत में एक पाउंड का नया सिक्का जारी करेगी और मौजूदा सिक्के कोअक्टूबर तक बंद कर देने की घोषणा की? – ब्रिटेन सरकार
41. किसे वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग में महालेखा नियंत्रक नियुक्त किया गया? – अर्चना निगम
42. तुर्की और किस देश ने पूरे सीरिया के लिए एक संघर्ष विराम योजना पर सहमति जताई? – रूस
43. अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस के कितने विधायक भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद विधानसभा में अबकांग्रेस का सिर्फ एक विधायक ही मौजूद है? – दो
44. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत के किस राज्य में पहली 2जी एथेनॉल बायो रिफाइनरी का उद्धाटन कियागया? – पंजाब
45. किस देश ने अपने ही देश में बनाए गए पांचवीं जेनरेशन के स्टेल्थ फाइटर प्लेन एफसी-31 के नवीनतमवर्जन का परीक्षण किया है? – चीन
46. किस देश में विश्व की पहली सोलर पेनल सड़क बनी? – फ्रांस
47. किसकी अध्यक्षता में बनाई गयी पीठ ने धर्म के आधार पर वोट मांगने को असंवैधानिक घोषित किया? –न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर
48. देश के सबसे बड़े स्तूपों में से एक अमरावती महास्तूप पुनर्जीवित किया जाएगा। यह किस राज्य में स्थित
48. देश के सबसे बड़े स्तूपों में से एक अमरावती महास्तूप पुनर्जीवित किया जाएगा। यह किस राज्य में स्थितहै? – आंध्र प्रदेश
49. किन दो देशों ने 1 जनवरी 2017 को 26वीं बार अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची साझा की? – भारत औरपाकिस्तान
50. राष्ट्रीय गणित दिवस कब मनाया जाता है? – 22 दिसंबर


डॉ. अम्बेडकर के जीवन से जुड़ी जानकारी प्रश्नोत्तर के रूप में


डॉ. अम्बेडकर के जीवन से जुड़ी जानकारी प्रश्नोत्तर के रूप में।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर

*प्रश्न 1-* डॉ अम्बेडकर का जन्म कब हुआ था?

*उत्तर-* 14 अप्रैल 1891
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*प्रश्न 2-* डॉ अम्बेडकर का जन्म कहां हुआ था ?

*उत्तर-* मध्य प्रदेश इंदौर के महू छावनी में हुआ था।
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*प्रश्न 3-* डॉ अम्बेडकर के पिता का नाम क्या था?

*उत्तर-* रामजी मोलाजी सकपाल था।
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*प्रश्न 4-* डॉ अम्बेडकर की माता का नाम क्या था?
*उत्तर-* भीमा बाई ।
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*प्रश्न 5-* डॉ अम्बेडकर के पिता का क्या करते थे?

*उत्तर-* सेना मैं सूबेदार थे ।
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*प्रश्न 6-* डॉ अम्बेडकर की माता का देहांत कब हुआ था?

*उत्तर-* 1896
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*प्रश्न 7-* डॉ अम्बेडकर की माता के देहांत के वक्त उन कि आयु क्या थी ?

*उत्तर-* 50 वर्ष।
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*प्रश्न 8-* डॉ अम्बेडकर किस जाती से थे?

*उत्तर-* महार जाती।
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*प्रश्न 9-* महार जाती को कैसा माना जाता था?

*उत्तर-* अछूत (निम्न वर्ग )।
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*प्रश्न10-* डॉ अम्बेडकर को स्कूल मैं कहां बिठाया जाता था?

*उत्तर-* क्लास के बहार।
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*प्रश्न 11-* डॉ अम्बेडकर को स्कूल मैं पानी कैसे पिलाया जाता था?

*उत्तर-* ऊँची जाति का व्यक्ति ऊँचाई से पानी उनके हाथों परडालता था!
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*प्रश्न12-* बाबा साहब का विवाह कब और किस से हुआ?

*उत्तर-* 1906 में रमाबाई से।
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*प्रश्न 13-* बाबा साहब ने मैट्रिक परीक्षा कब पास की?

*उत्तर-* 1907 में।
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*प्रश्न 14-* डॉ अम्बेडकर के बंबई विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने से क्या हुवा?

*उत्तर-* भारत में कॉलेज में प्रवेश लेने वाले पहले अस्पृश्य बन गये।
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*प्रश्न 15-* गायकवाड़ के महाराज ने डॉ अंबेडकर को पढ़ने कहां भेजा?

*उत्तर-* कोलंबिया विश्व विद्यालय न्यूयॉर्क अमेरिका भेजा।
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*प्रश्न 16-* बैरिस्टर के अध्ययन के लिए बाबा साहब कहां और कब गए?

*उत्तर-* 11 नवंबर 1917 लंदन में।
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*प्रश्न 17-* बड़ौदा के महाराजा ने डॉ आंबेडकर को अपने यहां किस पद पर रखा?

*उत्तर-* सैन्य सचिव पद पर।
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*प्रश्न 18-* बाबा साहब ने सैन्य सचिव पद को क्यों छोड़ा?

*उत्तर-* छुआ छात के कारण।
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*प्रश्न 19-* बड़ौदा रियासत में बाबा साहब कहां ठहरे थे?

*उत्तर-* पारसी सराय में।
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*प्रश्न 20-* डॉ अंबेडकर ने क्या संकल्प लिया?

*उत्तर-* जब तक इस अछूत समाज की कठिनाइयों को समाप्त ने कर दूं तब तक चैन से नहीं बैठूंगा।
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*प्रश्न 21-* डॉ अंबेडकर ने कौनसी पत्रिका निकाली?

*उत्तर-* मूक नायक ।

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*प्रश्न 22-* बाबासाहेब वकील कब बने?

*उत्तर-* 1923 में ।
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*प्रश्न 23-* डॉ अंबेडकर ने वकालत कहां शुरु की?

*उत्तर-* मुंबई के हाई कोर्ट से ।
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*प्रश्न 24-* अंबेडकर ने अपने अनुयायियों को क्या संदेश दिया?

*उत्तर-* शिक्षित बनो संघर्ष करो संगठित रहो ।
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*प्रश्न 25-* बाबा साहब ने बहिष्कृत भारत का
प्रकाशन कब आरंभकिया?

*उत्तर-* 3 अप्रैल 1927
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*प्रश्न 26-* बाबासाहेब लॉ कॉलेज के प्रोफ़ेसर कब बने?

*उत्तर-* 1928 में।
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*प्रश्न 27-* बाबासाहेब मुंबई में साइमन कमीशन के सदस्य कब बने?

*उत्तर-* 1928 में।
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*प्रश्न 28-* बाबा साहेब द्वारा विधानसभा में माहर वेतन बिल पेश कब हुआ?

*उत्तर-* 14 मार्च 1929
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*प्रश्न 29-* काला राम मंदिर मैं अछुतो के प्रवेश के लिए आंदोलन कब किया?

*उत्तर-* 03 मार्च 1930
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*प्रश्न 30-* पूना पैक्ट किस किस के बीच हुआ?

*उत्तर-* डॉ आंबेडकर और महात्मा गांधी।
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*प्रश्न 31-* महात्मा गांधी के जीवन की भीख मांगने बाबा साहब के पास कौनआया?

*उत्तर-* कस्तूरबा गांधी
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*प्रश्न 32-* डॉ अम्बेडकर को गोल मेज कॉन्फ्रंस का निमंत्रण कब मिला?

*उत्तर-* 6 अगस्त 1930
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*प्रश्न 33-* डॉ अम्बेडकर ने पूना समझौता कब किया?

*उत्तर-* 1932 ।
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*प्रश्न 34-* अम्बेडकर को सरकारी लॉ कॉलेज का प्रधानचार्य नियुक्त कियागया?

*उत्तर-* 13 अक्टूबर 1935 को।
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*प्रश्न 35-* मुझे पढे लिखे लोगोँ ने धोखा दिया ये शब्द बाबा साहेब ने कहां कहे थे?

*उत्तर-* आगरा मे 18 मार्च 1956 ।
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*प्रश्न 36-* बाबा साहेब के पि. ए. कोन थे?

*उत्तर-* नानकचंद रत्तु।
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*प्रश्न 37-* बाबा साहेब ने अपने अनुयाइयों से क्या कहा था?

*उत्तर-* - इस करवा को मै बड़ी मुस्किल से यहाँ तक लाया हु !
इसे आगे नहीं ले जा सकते तो पीछे मत जाने देना।
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*प्रश्न 38-* देश के पहले कानून मंत्री कौन थे?

*उत्तर-* डॉ अम्बेडकर।
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*प्रश्न 39-* स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना किस ने की?

*उत्तर-* डॉ अम्बेडकर।
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*प्रश्न 40-* डॉ अंबेडकर ने भारतीय संविधान कितने समय में लिखा?

*उत्तर- 2* साल 11 महीने 18 दिन।
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*प्रश्न 41-* डा बी.आर. अम्बेडकर ने बौद्ध धर्मं कब और कहा अपनाया?

*उत्तर -* 14 अक्टूबर 1956, दीक्षा भूमि, नागपुर।
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*प्रश्न 42-* डा बी.आर. अम्बेडकर ने बौद्ध धर्मं कितने लोगों के साथ अपनाया?

*उत्तर-* लगभग 10 लाख।
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*प्रश्न 43-* राजा बनने के लिए रानी के पेट की जरूरत नहीं,
तुम्हारे वोट की जरूरत है ये शब्द किस के है?

*उत्तर-* डा बी.आर. अम्बेडकर।
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*प्रश्न 44-* डा बी.आर. अम्बेडकर के दुवारा लिखित महान पुस्तक का क्या नाम है?

*उत्तर-* दी बुद्ध एंड हिज धम्मा।
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*प्रश्न 45* - बाबा साहेब को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया?

*उत्तर-* भारत रत्न।
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12.11.17

राजपूत जाति की उत्पत्ति का इतिहास

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     राजपूत उत्तर भारत का एक क्षत्रिय कुल माना जाता है।जो कि राजपुत्र का अपभ्रंश है। पुराने समय में आर्य जाति में केवल चार वर्णों की व्यवस्था थी। राजपूत काल में प्राचीन वर्ण व्यवस्था समाप्त हो गयी थी तथा वर्ण के स्थान पर कई जातियाँ व उप जातियाँ बन गईं थीं। उस समय में क्षत्रिय वर्ण के अंतर्गत सूर्यवंश और चंद्रवंश के राजघरानों का बहुत विस्तार हुआ। राजपूतों में मेवाड़ के महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान का नाम सबसे ऊंचा है।
    हर्षवर्धन के उपरान्त भारत मे कोई भी ऐसा शक्तिशाली राजा नहीं हुआ जिसने भारत के बृहद भाग पर एकछत्र राज्य किया हो। इस युग मे भारत अनेक छोटे बड़े राज्यों में विभाजित हो गया जो आपस मे लड़ते रहते थे। इनके राजा राजपूत कहलाते थे तथा सातवीं से बारहवीं शताब्दी के इस युग को राजपूत युग कहा गया है।
राजपूतों की उत्पत्ति के संबंध मे इतिहास में दो मत प्रचलित हैं। कर्नल टोड व स्मिथ आदि के अनुसार राजपूत वह विदेशी जातियाँ है जिन्होंने भारत पर आक्रमण किया था। उच्च श्रेणी के विदेशी राजपूत कहलाए, चंद्रबरदाई लिखते हैं कि परशुराम द्वारा क्षत्रियों के सम्पूर्ण विनाश के बाद ब्राह्मणों ने माउंट आबू पर यज्ञ किया व यज्ञ कि अग्नि से चौहान, परमार, प्रतिहार व सोलंकी राजपूत वंश उत्पन्न हुये। इसे इतिहासकार विदेशियों के हिन्दू समाज में विलय हेतु यज्ञ द्वारा शुद्धिकरण की पारंपरिक घटना के रूप मे देखते हैं। दूसरी ओर गौरीशंकर हीराचंद ओझा आदि विद्वानों के अनुसार राजपूत विदेशी नहीं है अपितु प्राचीन क्षत्रियों की ही संतान हैं। राजपूत युग कि वीरता व परक्रम का भारतीय इतिहास मे अद्वितीय स्थान है।

राजपूतों की उत्पत्ति के विषय में उतने ही मत हैं जितने कि उसके विद्वान। जहाँ एक ओर कुछ विद्वान राजपूतों को विदेशी बताते हैं, वहीं दूसरे उन्हें देशी मानते हैं जबकि एक तीसरा मत उनकी देशी - विदेशी मिश्रित उत्पत्ति मानता है। परन्तु मतों के इस विव्चना के पूर्व हम "राजपूत" शब्द की व्युत्पत्ति पर विचार कर लेते हैं।
"राजपूत" शब्द की व्युत्पत्ति-
     डॉ० वी० एस स्मिथ की यह मान्यता है कि राजपूतोंकी आठवीं या नवीं शताब्दी में सहसा उत्पत्ति हुई, अनेक इतिहासकारों केशोध - निष्कर्षों पर यह बात निर्मूल सिद्ध होती है। जयनारायण आसोपा ने राजपूत शब्द की उत्पत्ति के स्रोत संदर्भों को आधार पर विवेचना करते हुए स्पष्ट किया है कि वैदिक कालीन 'राजपुत्र' 'राजन्य', या 'क्षत्रिय' वर्ग ही कालान्तर में राजपूत जाति में परिणत हो गया। 'राजपूत' शब्द वैदिक 'राजपुत्र' का ही अपभ्रंश शब्द है। ॠगवेद में 'कस्य धतधवस्ता भवथ: कस्य बानरा, राजपुत्रेव सवनाय गच्छद', यजुर्वेद में 'पश्वी राजपुत्रो गोपायति राजन्यों वै प्रजानामधिपति रायुध्रुंव आयुरेव गोपात्यथो क्षेत्रमेव गोवायते', तथा ॠगवेद में ही ''ब्राह्मणोस्य मुखमासीद्वाहू राजन्य कृत्य:'', के गहरे काले शब्द यह प्रकट करते हैं कि 'राजपुत्र' तथा 'राजन्य' समानार्थक रूप में प्रयुक्त हुए ह। राजन्य 'क्षत्रिय' अर्थात् योद्धाओं के लिए प्रयुक्त होता था जो राज्य के अधिपति थे। 'मनस्मृति' में भी क्षत्रिय का यही अर्थ लिया गया है। 'शतपथ ब्राह्मण' में राजपुत्र, राजन्य तथा क्षत्रियों का पृथक रूप में उल्लेख मिलता है, ब्राह्मणकाल (१००० ई० पू०) से इनमें भेद किया जाना आरम्भ हो गया था।
    'महाभारत', 'तैत्रेय ब्राह्मण' तथा कालिदास की 'रघुवंश' काव्यकृति मे इन शब्दों का प्रयोग समानार्थक रूप में हुआ है। डॉ० गौरीशंकर प्रसाद ओझा ने 'राजपुत्र' शब्द का उल्लेख कौटिल्य के अर्थशास्र, कालिदास के 'मालविकाग्निमित्र', अश्वघोष के 'सौंदरानंद' तथा बाणभ के 'हर्षचरित' एवं 'कादम्बरी' ग्रन्थों में विभिन्न अर्थों में किया जाना बतलाया है। कौटिल्य ने राजा के पुत्रों के लिए तथा कालिदास व अश्वघोष ने सामन्तों के पुत्रों के अर्थ में राजपुत्र शब्द का प्रयोग किया है। ह्मवेनसांग ने यात्रावर्णन में राजाओं को राजपुत्र के रूप में उल्लेख न कर उन्हें क्षत्रिय माना है। कल्हण की 'राजतरंगिनी' में राजपुत्र शब्द का प्रयोग भूस्वामियों के लिए किया गया है किन्तु उन्हें राजपूतों के ३६ वंशों से सम्बन्धित माना है। इससे यह तथ्य स्पष्ट होता है कि १२वीं शताब्दी के आरंभ में राजपुत्र या राजपूत वंश एक जाति के रूप में अस्तित्व में आ गया था। महाभारत काल तक राजपुत्र, राजन्य तथा क्षत्रिय समानार्थक शब्द थे किन्तु बाद में राजपुत्र तथा क्षत्रियों में विभेद किया जाने लगा।
सभी शासक 'राजन' कहलाते थे और उनके संबंधी 'राजपुत्र' प्राचीनकाल में कुछ शासक युनानी, शक एवं हूण विदेशी थे तथा कुछ शासक देश के ही क्षत्रिय जातियों के थे। इन देशी तथा विदेशी शासकों में परस्पर वैवाहिक संबंधों द्वारा विलयन की प्रक्रिया चल रही थी। शासकों तथा सामन्तों के वंशज राजपुत्र थे जो अपने राज्य विनष्ट होने के पश्चात् भी स्वयं को राजुपूत (राजपुत्र) नाम से पुकारने लगे।
राजपूतों की उत्पत्ति के विभिन्न मत और उनकी समीक्षा
   राजपूत शब्द मूलत: 'राजपुत्र' का अपभ्रंश है जिसमें देशी तथा विदेशी शासकों का धर्म परिवर्तन द्वारा भारतीयकरण होने के बाद उनके परस्पर विलियन से या सम्मिश्रण से उत्पन्न राजपुत्र वर्ग में सम्मिलित हैं। विलियन की यह प्रक्रिया १२ वीं शताब्दी तक सम्पन्न हो चुकी थी। अत: विलयन के पूर्व राजपूत अर्थात् राजपुत्रों के मूल वंशों के आधार पर इनकी उत्पत्ति सम्बन्धी विभिन्न मत प्रचलित हो गये। उत्पत्ति सम्बन्धी विभिन्न मतों का वर्गीकृत वर्णन नीचे दिया जा रहा है -अग्निवंशीय मत
अपने वंश की उत्पत्ति देवताओं से मानने की प्राचीन परम्परा रही है; दैव उत्पत्ति से अपने वंश की श्रेष्ठता स्थापित करना एक मानवीय दुर्बलता तो है ही, इसे प्रतिष्ठा का एक सूचक भी माना जाता है। मिस्र के शासक - 'फराहो' - स्वयं को 'रा' (सूर्य) का पुत्र कहते थे और यूनानी शासक अपनी एकता बनाये रखने के लिए अपनी उत्पत्ति एक ही देवता से मानते थे। कुशाण शासक चीनी शासकों की भाँति 'देवपुत्र' की उपाधि धारण करते थे। भारत में भी कुछ लोग अपनी उत्पत्ति सूर्य, चन्द्र, अग्नि देवता से मानते थे। अग्निवंशीय मत भी सूर्य तथा चंद्रवंशीय के समान एक मिथक है। पार्टि ने सर्वप्रथम 'आग्नेय' जाति का उल्लेख महाकाव्यों और पुराणों में किया जाना बतलाया। मार्कण्डेय पुराण, महाभारत के वन पर्व तथा अनुशासन पर्व और रामायण के अयोद्धया काण्ड में आग्नेय जाति का उल्लेख किया गया है। पार्टि के अनुसार यह जाति 'कुरु क्षेत्र' के उत्तर में रहती थी। वी० एस० पाठक ने इन्हीं स्रोतों के आधार पर इस जाति का अधिवासन उत्तरीय भारत में बतलाया है, जो आगे चल कर ब्राह्मणों में परिणत हो गई। आसोपा ने मार्कण्डेय तथा विष्णु पुराण के आधार पर आग्नेय अर्थात् अग्नि से उत्पन्न जाति के पूर्वज 'अग्निधारा' (जिसके वंश में भरत नामक प्रतापी राजा हुआ) की 'मनु स्वयंभुव' से उत्पत्ति मानी जाती है। मनु स्वयंभुव 'मनु वैवस्वत' से भिन्न है। मनु वैवस्वत सूर्य वंशियों का पूर्वज था तथा 'इला' चंद्रवंशियों का पूर्वज था। ॠग्वेद में वर्णित भरतवंशी आग्नेय थे जो बाद में ब्राह्मण बने और वे चंद्रवंशीय दुष्यन्त के पुत्र भरत से संबंधित नहीं थे।
   आसोपा की मान्यता है कि अग्निवंश की मान्यता मथुरा की कपोल कल्पना मात्र नहीं है बल्कि यह महाभारत तथा पुराणों के युग तक प्राचीन है। 'अग्निजया' शब्द अग्नि से उत्पन्न वंश का द्योतक है। कृष्ण स्वामी अयंगर ने दूसरी शताब्दी के तमिल भाषा के ग्रन्थ 'पुर्नानुरु' में एक सामन्त की उत्पत्ति अग्निकुण्ड से बतलाई गई है। डी० सी० सरकार ने महाराष्ट्र के नानदेद जिले से प्राप्त अक उत्कीर्ण लेख में (जो ११वीं शताब्दी का है) अग्निवंश का उल्लेख पाया है। पद्मगुप्त के ग्रन्थ 'नवशशांक - चरित' (९७४ - १००० ई०) में परमार शासक को आबू पर्वत पर वशिष्ट के अग्निकुण्ड से उत्पन्न माना है तथा परमारों के परवर्ती सभी लेखों में अग्निवंशी होने का उल्लेख है। नीलकंठ शास्री को अग्निवंश का प्रमाण दक्षिण भारत के एक शासक कुलोतुंग तृतीय (११७८ - १२१६ ई०) के शिलालेख से मिलता है। चंदवरदायी द्वारा १२वीं शताब्दी के अन्त में रचित ग्रन्थ 'पृथ्वीराज रासो' में चालुक्य (सोलंकी), प्रतिहार, चहमान तथा परमार राजपूतों की उत्पत्ति आबू पर्वत के अग्निकुण्ड से बतलाई है, किन्तु इसी ग्रन्थ में एक अन्य स्थल पर इन्हीं राजपूतों को "रवि - शशि जाधव वंशी" कहा है।
अग्निवंशीय उत्पत्ति के स्रोतों की समीक्षा द्वारा इस मत से संबंधित निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं। पद्मगुप्त ने परमारों की उत्पत्ति अग्निकुण्ड से बतलाते हुअ इन्हें 'ब्रह्म - क्षेत्र' भी माना है। बी० एम० राऊ ने इसकी व्याख्या इस प्रकार की है कि वशिष्ट के वंशज परमार क्षत्रियों को (जिनके पूर्वज पहले ब्राह्मण थे किन्तु बौद्ध बन गये थे) पवित्र अग्निकुण्ड से पवित्र किया। ओझा ने 'ब्रह्मक्षत्र' की व्याख्या करते हुए कहा है कि जो शासक ब्रह्मत्तव और क्षत्रीय दोनों गुण धारण करते थे उनके लिए 'ब्रह्मक्षत्र' कहा जाता था। डॉ० दशरथ शर्मा का मत है कि परमार पहले ब्राह्मण थे किन्तु धर्म की रक्षार्थ क्षत्रिय बन गये। इसके पूर्व भी श्री शुंग, सातवाहन, कदम्ब तथा पल्लव शासक ब्राह्मण होते हुए भी क्षत्रिय कहलाये। ओझा ने अग्निवंशी मत की एक अन्य व्याख्या की है। परमार वंश के प्रथम शासक 'धूम्रराज' का एक उत्कीर्ण लेख में उल्लेख है। अत:'धूम्र' अर्थात् अग्नि से निकले हुए धुएँ से धूम्रराज की अग्निवंशी उत्पत्ति मानी गई। किन्तु अन्य अग्निवंशी राजपूतों ने इस मत को मान्यता नहीं दी है। आसोपा का मत है कि परमार ब्राह्मण से क्षत्रिय बने।
   मंडौर के प्रतिहार ब्राह्मण हरिश्चन्द्र के वंशज तथा कन्नौज के प्रतिहार लक्ष्मण के वंशज कहे जाते हैं। अत: प्रतिहार भी ब्राह्मण से क्षत्रिय बने। चहमानों का पूर्वज सामन्त बिजोलिया लेख के अनुसार विप्र था। चालुक्य भी अभिलेखों के आधार पर ब्राहम्णों के वंशज थे। इस प्रकार 'पृथवीराज रासो' में उल्लिखित सभी चार राजपूत वंश ब्राह्मण से क्षत्रिय बने। अग्निवंशी कहने का तात्पर्य था कि अग्निकुण्ड से उनकी शुद्धि की गई। ये ब्राह्मण अपनी प्राचीन आग्नेय उत्पत्ति बनाये रखने के लिए अग्निवंशी राजपूत कहलाये।
    डॉ० गोपीनाथ शर्मा ने चन्दवरदाई के 'पृथवीराज रासो' वर्णित अग्निकुण्ड से उत्पन्न चार राजपूत वंशों के प्रकरण को मात्र कवि की कल्पना माना है। भाटों, मुहतों, नेणसी और सूर्यमल्ल मिश्र ने इस मत का काफी प्रचार किया किन्तु १६वीं शताब्दी के अभिलेखों व साहित्यिक ग्रन्थों से यह प्रमाणित होता हे कि इन चार राजवंशों में से तीन - प्रतिहार, चौहान व परमार सूर्यवंशी तथा (चालुक्य) चन्द्रवंशी थे। डॉ० दशरथ शर्मा ने भी अग्निवंश मत को भाटों की कल्पना की एक उपज मात्र बतलाया है। डॉ० ईश्वरीप्रसाद इसे तथ्य रहित बतलाते हुए लिखते हैं कि ब्राह्मणों का एक प्रतिष्ठित जाति की उत्पत्ति की महत्ता निर्धारित करने का प्रयास मात्र है। कुक इस मत के सम्बंध में यह निष्कर्ष निकालते हैं कि अग्निवंशी कहने का तात्पर्य है कि विदेशी तथा देशी शासकों को अग्नि से पवित्र कर राजपूत जाति में सम्मिल्लित किया गया। जे० एन० आसोपा का पूर्व उल्लिखित मत भी विचारणीय है कि ब्राह्मण जो क्षत्रिय बने थे अपनी प्राचीन आग्नेय उत्पत्ति को बनाये रखने के लिए राजपूत कहलाये।
सूर्य तथा चंद्रवंशीय मत-
   अग्निवंशी राजपूतों के समान ही अपनी दैव उत्पत्ति मानते हुए राजपूत वंशों ने स्वयं को सूर्यवंशी अथवा चंद्रवंशी होने की श्रेष्ठता प्रतिपादित की है। डॉ० ओझा अग्निवंशी मत का खण्डन करते हुए राजपूतों को सूर्य और चंद्रवंशीय मानते हैं। इसके प्रमाण स्वरुप शिलालेखों व ग्रन्थों का उल्लेख करते हुए कहते हैं कि नाथ लेख (९७१ ई०) आरपूर लेख (१२८५ ई०), आबू शिलालेख (१४२८ ई०) तथा श्रृंगी के लेख में गुहिल वंशी राजपूतों को रघुकूल (सूर्यवंश) से उत्पन्न माना है। पृथ्वीराज विजय, हम्मीर महाकाव्य और सुजान चरित्र में चौहानों को क्षत्रिय माना है। वंशावली लेखकों ने राठौरों को सूर्यवंशी और यादवों, भाटियों एवं चंद्रावती के चौहानों को चंद्रवंशी माना है। इन प्रमाणों के आधार पर डॉ० ओझा राजपूतों को प्राचीन क्षत्रियों के वंशज मानते हैं।
डॉ० गोपीनाथ शर्मा ने इस मत को सभी राजपूतों की उत्पत्ति के लिए स्वीकार करना आपत्तिजनक माना है क्योंकि राजपूतों को सूर्यवंशी बतलाते हुए उनका वंशक्रम इक्ष्वाकु से जोड़ दिया गया है जो प्रथम सूर्यवंशी राजा था। बल्कि सूर्यवंशी और चंद्रवंशी समर्थक भाटों ने तो राजपूतों का संबंध इन्द्र, पद्मनाथ, विष्णु आदि से बताते बुए काल्पनिक वंशक्रम बना दिया है। इन मतों के समर्थक किसी निश्चय पर नहीं पहुँच पाये। अत: डॉ० गोपीनाथ शर्मा यह मानते हैं कि इस मत का एक ही उपयोग दिखाई देता है कि ११वीं शताब्दी से इन राजपूतों का क्षत्रियत्व स्वीकार कर लिया, क्योंकि इन्होंने क्षात्र - धर्म के अनुसार विदेशी आक्रमणों का सामना सफलतापूर्वक किया। आगे चलकर यह मत लोकप्रिय हो गया और तभी से इसको मान्यता प्रदान की जाने लगी।
    जयनारायण ओसापा ने सूर्य तथा चंद्रवंशी मिथक का विश्लेषण करते हुए यह मान्यता प्रकट की है कि सूर्यवंशी तथा चंद्रवंशी मूलत: आर्यों के दो दल थे जो भारत आये। पहला दल मध्य एशिया की जैक्सर्टीज तथा दूसरा दल उसी प्रदेश की इली नदियों से चलकर भारत में प्रविष्ट हुआ। महाभारत तथा पुराणों में सर्वप्रथम राजपूतों की सूर्य तथा चंद्र से उत्पत्ति का उल्लेख मिलता है। पार्टि की यह मान्यता है कि सूर्यवंशी क्षत्रिय द्रविड़ थे और चंद्रवंशी क्षत्रिय प्रयाग में शासक थे। सी०वी० वैद्य इसे अस्वीकार करते हैं। वैंडीदाउ के आधार पर वैद्य यह मानते हैं कि सुदूर उत्तरी देशों से आर्यों की एक शाका ने भारत में प्रवेश किया और वे सप्त सिंधु में बस गये। वैद्य ने भारत की जनगणना रिपोर्ट (१९२१) के आधार पर कहा है कि आर्यों का पहला दल उत्तरी भारत में आये जिनकी प्रतिनिधि भाषाएँ राजस्थानी, पंजाबी, पहाड़ी तथा पूर्वी हिन्दी है। आर्यों का दूसरा दल उत्तरी भारत में प्रवेश कर दक्षिण से जबलपुर, दक्षिण - पश्चिम में काठियावाड़ तथा उत्तर - पूर्व में नेपाल तक पहुँच गया। ये दो आर्यों के दल ही महाभारत काल के सूर्य व चंद्रवंशी क्षत्रिय कहलाने लगे। वैद्य की मान्यता है कि मनु स्वयंभुव वंशज भरत ॠग्वेद में वर्णित भारत जाति है जो महाकाव्य काल में सूर्यवंशी कहलाये। यह आर्यों का पहला दल था। दूसरे दल में ॠग्वेद वर्णित यदु, तुर्वस, अनुस, द्रहयु तथा पुरु वर्ग के लोग थे जो चंद्रवंशी कहलाये।
   आसोपा, वैद्य की उपर्युक्त मान्यता को भाषायी आधार पर स्वीकार नहीं करते तथा वे ॠग्वेद के भारत तथा मनु स्वयंभुव के वंशज भरत को एक वर्ग का नहीं मानते। सूर्यवंशी इक्ष्वाकु राजा मनु वैवस्तव का पुत्र था, न कि मनु स्वयंभुव का। वैवस्तव का अर्थ सूर्य है जिसके वंशज इक्ष्वाकु कहलाये। वेदों में वर्णित 'इक्ष्वाकु' आर्यों के प्रथम दल के सूर्यवंसी थे तथा 'अइल' आर्यों के दूसरे दल के चंदवर्ंशी थे। आसोपा ने 'इक्ष्वाकु' तथा 'अइल' के मूल अधिवासन स्थल की खोज करते हुए कहा है कि महाभारत व हरिवंश पुराण में वर्णित 'इक्षुमति' नदी कुरुक्षेत्र में थी। रामायण में भी इसका उल्लेख है। स्ट्रैबो ने भी व्यास और यमुना नदियों के बीच एक नदी इमेसस (इक्षुमति) का उल्लेख किया है जिसे यूनानी मिनेन्डर ने पार किया था। इससे प्रतीत होता है कि आर्यों की इक्ष्वाकु शाखा 'इक्षुमति' नदी के तटों पर बस गई थी। मध्य एशिया में जैक्सर्टीज नदी में आनेवाले इन आर्यों ने भारत में कुरुक्षेत्र प्रदेश की नदी का नाम भी जैक्सर्टीज का भारतीय रूप इक्षुमति रख दिया तथा स्वयं इक्ष्वाकु कहलाये। इनका शासन इक्ष्वाकु मनु वैवस्तव (सूर्य) का पुत्र था। इसके कारण ही सूर्यवंशी मत का प्रचलन हुआ।
महाभारत, हरिवंश तथा विष्णु पुराण में पंजाब की नदी 'इरा' का उल्लेख है जो अब 'रावी' के नाम से पुकारा जाती है। रामायण के अयोध्या काण्ड में वर्णन है कि भरत ने कैकेय प्रदेश से आते हुए शतद्रु के तट पर 'अइल' राज्य को पार किया। इससे स्पष्ट होता है कि 'अइल" आर्यों की दूसरी शाखा का अधिकार क्षेत्र 'इरा' (रावी) तथा "शतद्रु' (सतलज) नदियों के मध्य था। मध्य एशिया में, जहाँ से आर्य भारत आये, जैक्सर्टीज (इक्ष्वाकु) नदी के उत्तर में एक ओर नदी 'इली' थी। इली नदी से भारत आने वाली दूसरी शाखा के आर्य 'अइल' थे जो चन्द्रवंशी कहलाये। रुस में उत्खनन द्वारा भी आर्यों के अवशेष इस 'इली' नदी के तट पर मिले हैं। मध्य एशिया के यू - ची 'चन्द्रमा के लोग' इली नदी के तट पर बसे थे। इससे प्रतीत होता है कि जब ये लोग भारत आये थे तो स्वयं को चंद्रवंशी कहने लगे। आसोपा की मान्यता है कि इक्ष्वाकु मनु वैवस्तव से संबंधित थे। ये आर्य थे जो जैक्सर्टीज से होते हुए इक्षुमति को पार करके भारत में पूर्व की ओर चले गये। अइल भी जो सोम ॠषि तथा बुद्ध के वंशज थे, आर्य थे। ये इली व इरा नदी के तट पर रहते थे जिन्होंने यह नाम अन्य स्थानों तथा नदियों को भी दिया जहाँ वेगये। भारत की इरावती नदी तथा लंका का प्राचीन नाम इला भी इस तथ्य को प्रकट करते हैं। अत: आसोपा की मान्यता है कि सूर्यवंशी व चंद्रवंशी क्षत्रिय आर्यों की वे दो शाखआएँ थीं जो मध्य एशिया से भारत आईं। एक शाखा वहाँ की जैक्सर्टीज नदी तच पर तथा दूसरी शाखा वहाँ की इली नदी के तट से भारत आईं।
विदेशी वंश का मत
    पिछले दोनों मतों के विपरीत इतिहासकार कर्नल टॉड ने राजपूतों को शक और सिथियन बताया है। इसके प्रमाण में वे राजपूतों में प्रचलित ऐसे रीति - रिवाजों का उल्लेख करते हैं जो शक जाति के रीति - रिवाजों से साम्य रखते हैं। सूर्य की पूजा, सती प्रथा, अश्वमेघ यज्ञ, मद्यपान, शस्रों और घोड़ों की पूजा तथा तातारी और शकों की पुरानी कथाओं का पुराणों की कथाओं से साम्य रखना ऐसे तथ्य हैं जो राजपूतो की विदेशी उत्पत्ति प्रकट करते है। डॉ० स्मिथ ने भी शक, यूचि, गुर्जर व हूण विदेशी जातियों का भारत में धर्म परिवर्तन कर हिन्दू बन जाना स्वीकार किया है और इन विदेशी जातियों के राज्य स्थापित हो जाने पर उससे राजपूतों की उत्पत्ति मानी है। राजपूतों ने एपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने हेतु स्वयं को चन्द्र या सूर्यवंशी कहना प्रारम्भ किया। कर्नल टॉड की पुस्तक का सम्पादन करने वाले विलियम कुक भी इस मत का समर्थन करते हुए लिखते हैं कि वैदिक कालीन क्षत्रियों एवं मध्यकालीन राजपूतों की अवधि का अन्तराल इतना अधिक है कि दोनों के सम्बन्ध मूलवंश - क्रम से संबंधित करना संभव नहीं है। शक, सिथियन, हूण आदि विदेशी जातियाँ हिन्दू समाज में स्थान पा चुके थे और देश - रक्षक के रूप में प्रतिष्ठित हो चुके थे। अत: उन्हें महाभारत तथा रामायण काल के क्षत्रियों से संबंधित कर दिया गया और सूर्य तथा चंद्रवंशी माना गया।
    डॉ० गौरीशंकर हीराचन्द ओझा ने विदेशी उत्पत्ति को अस्वीकार किया है। जिन रीति - रिवाजों के आधार पर राजपूतों और शकों का साम्य किया गया है वे रीति - रिवाज वैदिक काल तथा पौराणिक काल में भी भारत में विद्यमान थे। डॉ० ओझा ने अभिलेखों के आधार पर तथ्य प्रकट किया है कि मौर्य और नन्दवंश के पतन के बाद भी सातवीं सदी तक क्षत्रियों का अस्तित्व था। द्वितीय शताब्दी के राजा खारवेल के उदयगिरी - लेख में 'कुसंब जाति के क्षत्रियों' का उल्लेख है, इसी अवधि के नासिक की पाण्डव गुहा लेख में 'उत्तम भाद्रक्षत्रियों' का वर्णन है, गिरिनार पर्वत -लेख में 'यौधेयों' को क्षत्रिय कहा गया है तथा तीसरी सदी के नागार्जुन कोंड - लेख में इक्ष्वाकुवंशीय राजाओं का उल्लेख है।
    यद्यपि डॉ० ओझा के विदेशी मत के विपक्ष में ये तर्क महत्वपूर्ण हैं किन्तु जो विदेशी भारत में आकर बस गये, उनका भारतीय समाज में विलनीकरण कैसे हुआ, यह प्रश्न अनुत्तरित रह जाता है। डॉ० गोपीनाथ शर्मा का मत है - 'इस प्रश्न को हल करने में हमें यही युक्ति सहायक होगी कि इन विदेशियों के यहाँ आने पर पुरानी सामाजिक व्यवस्था में अवश्य हेर - फेर हुआ।
   डॉ० स्मिथ, कुक से सहमत होते हुए यह मानते हैं कि पृथ्वीराज रासो में जिन चार राजपूत वंशों की अग्निकुण्ड से उत्पत्ति बतलाई गई है, वे सभी विदेशी थे जिनको अग्नि द्वारा पवित्र कर राजपूत बनाया गया। दक्षिण के राजपूतों की उत्पत्ति तक गौड़, भार, कोल आदि जन - जातियों से मानते हैं। डॉ० आर० भण्डारकर प्रतिहारों की गुर्जरों से उत्पत्ति मानते हुए अन्य अग्निवंशीय राजपूतों को भी विदेशी उत्पत्ति का कहते हैं। नीलकण्ठ शास्री विदेशियों के अग्नि द्वारा पवित्रीकरण के सिद्धान्त में विश्वास करते हैं क्योंकि पृथ्वीराज रासो से पूर्व भी इसका प्रमाण तमिल काव्य 'पुरनानूर' में मिलता है। बागची गुर्जरों को मध्य एशिया की जाति वुसुन अथवा 'गुसुर 'मानते हैं क्योंकि तीसरी शताब्दी के अबोटाबाद - लेख में 'गुशुर 'जाति का उल्लेख है। जैकेसन ने सर्वप्रथम गुर्जरों से अग्निवंशी राजपूतों की उत्पत्ति बतलाई है। पंजाब तथा खानदेश के गुर्जरों के उपनाम पँवार तथा चौहान पाये जाते हैं। यदि प्रतिहार व सोलंकी स्वयं गुर्जर न भी हों तो वे उस विदेशी दल में भारत आये जिसका नेतृत्व गुर्जर कर रहे थे।
    सी० वी० वैद्य विदेशी उत्पत्ति को अस्वीकार करते हुए राजपूतों की वैदिक आर्यों से उत्पत्ति मानते हैं। इसके लिये वे पहला तर्क देते हैं कि केवल वैदिक आर्यों की संतान ही अपने धर्म की रक्षार्थ विदेशी आक्रांकाओं से युद्ध कर सकते थे। दूसरा तर्क यह है कि राजपूतों की सूर्य अवं चंद्रवंशीय होने की परम्परा उन्हें उन दो तथ्यों आर्यों के दलों का वंशज सिद्ध करता है जिन्होंने मध्य एशिया से भारत में प्रवेश किया। तीसरा तर्क १९०१ में हुई भारत की जनगणना से राजपूतों का आर्य वंश का होना प्रकट होता है।
   डॉ० गौरीशंकर ओझा ने राजपूतों की उत्पत्ति संबंधी उपर्युक्त देशी व विदेशी मतों में सामन्जस्य स्थापित करते हुए कहा है कि राजपूत वैदिक क्षत्रियों के वंशज थे तथा जिन विदेशी जातियों - सिथियन, कुषाण, हूण, आदि का भारतीयकरण हुआ, वे भी मध्य एशिया की आर्य जाति के ही वंशज थे। यह मत टॉड तथा वैद्य के विरोधी मतों में सामन्जस्य कर देता है। डॉ० दशरथ शर्मा ने भी इसी मत का समर्थन करते हुए कहा है कि भारत की समस्त जनता युद्ध - प्रिय जातियाँ स्वयं को क्षत्रिय होने का अधिकार रखती थीं। आसोपा ने भी इस मत का समर्थन किया है जो तर्कसम्मत प्रतीत होता है।
गुर्जर वंश का मत=
    विदेशी वंश के मत के संदर्भ में यह व्यक्त किया जा चुका है कि कुछ विद्वान राजपूतों की उत्पत्ति विदेशी जाति गुर्जर होना मानते हैं। राजौर शिलालेख में प्रतिहारों को गुर्जर कहा गया है। गुर्जर कनिष्क के समय भारत आये और गुप्तकाल में सामन्त रूप में रहे। जैक्सन ने भी गुर्जरों 'हूणों' के साथ भारत अभियान पर आये 'खजर' जाति का माना है। आसोपा का मत है कि गुर्जरों ने छठी शताब्दी में राजस्थान तथा गुजरात में राज्य स्थापित कर लिये थे। ह्मवेनसांग ने इस प्रदेश को 'कुच -लो' अर्थात् गुजरात कहा है। बाणभ के ग्रन्थ 'हर्षचरित' में गुर्जर देश का उल्लेख है। अरब यात्री गुर्जरों को 'जुर्ज' कहते थे। नागौर जिले में दधिमाता मंदिर के शिलालेख में गुर्जर प्रदेश का उल्लेख है जो वहाँ की जोजरी नदी के कारण इस नाम से पुकारा गया है। ये साक्ष्य प्रकट करते हैं कि गुर्जर राजस्थान व गुजरात में निवास करते थे। किन्तु डॉ० गोपीनाथ शर्मा तथा डॉ० ओझा 'गुर्जर' शब्द का अर्थ प्रदेश विशेष मानते हैं शिलालेखों में इस प्रदेश के शासक को 'गुर्जरेश्वर 'या 'गुर्जर' कहा गया है।
डॉ० सत्यप्रकाश राजपूतों की उत्पत्ति विदेशी जाति गुर्जर से मानना स्वीकार नहीं करते क्योंकि गुर्जर विदेशी नहीं थे और ह्मवेनसांग ने भी गुर्जर को क्षत्रिय माना है। गुर्जर प्रतिहारों के शिलालेखों में भी उन्होंने भारतीय आर्यों की संतान माना है। अत: निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि गुर्जर भारतीय थे और वे भारतीय क्षत्रिय वंश से संबंधित थे।
ब्राह्मणवंशीय मत-
   बिजोलिया - शिलालेख में वासुदेव (चहमान) के उत्तराधिकारी सामन्त को वत्स - गोत्रीय ब्राह्मण कहा गया है। राजशेखर ब्राह्मण का विवाह राजकुमारी अवन्ति सुन्दरी से होना भी चौहानों का ब्राह्मणवंशीय होना प्रकट करता है। 'कायमखाँ रासो' में भी चौहानों की उत्पत्ति वत्स से बतलाई गई है जो जमदग्नि गोत्र में था। इस तथ्य का साक्ष्य सुण्चा तथा आबू अभिलेख है। डॉ० भण्डारकर का मत है कि गुहिल राजपूतों की उत्पत्ति नागर ब्राह्मणों से थी।
     डॉ० ओझा तथा वैद्य इस ब्राह्मणवंशीय मत को अस्वीकार करते हुए कहते हैं कि 'द्विज ब्रह्माक्षत्री', 'विप्र' आदि शब्दों का प्रयोग राजपूतों को क्षत्रिय जाति की अभिव्यक्ति के लिए हुआ है न कि ब्राह्मण जाति के लिए। डॉ० गोपीनाथ शर्मा कुम्भलगढ़ - प्रशस्ति के आधार पर गुहिलवंशीय राजपूतों को ब्राह्मण वंशीय माना है। चाटसू अभिलेख में गुहिल भर्तृभ को 'ब्रह्मक्षत्री' इसलिये कहा गया है कि उसे ब्राह्मण संज्ञा से क्षत्रित्व प्राप्त हुआ। पहले भी कण्व तथा शुंग ब्राह्मणवंशीय क्षत्रिय शासक हुए हैं।
वैदिक आर्य वंश का मत-
    सूर्य तथा चंद्रवंशीय मतों के संदर्भ में यह विवेचन किया जा चुका है कि राजपूत वैदिक आर्यों की दो शाखाओं ने भारत में कुछ कालान्तर में प्रवेश किया। डॉ० ओसापा का मत है कि आर्यों की ये दो शाखआओं मध्य एशिया से भारत आईं। मध्य एशिया में इनके निवास - स्थल दो नदियों जैक्सर्टीज (इक्ष्वाकु) तथा इली के तट पर स्थित थे। इक्ष्वाकु से आने वाले चंद्रवंशीय क्षत्रिय कहलाये। रामायण, महाभारत, हरिवंश तथा विष्णु पुराणों के आधार पर यह तथ्य प्रकट होता है चीनी स्रोतों तथा रुस में हुए उत्खनन द्वारा भी इसकी पुष्टि होती है।
इस मत के आधार पर पश्चिमोत्तर प्रदेश से भारत में प्रवेश करने वाले आर्यों के समान अन्य विदेशी भी मूलत: आर्यवंशी प्रतीत होते हैं। भारत में ये विदेशी जातियाँ भी राज्य स्थापित कर राजपूत जाति के रूप में संगठित हो वैदिक आर्यों के क्षत्रिय वंश से अपना संबंध सूर्य तथा चंद्रवंशी बनकर स्थापित करने लगे।
निष्कर्ष-
   राजपूतों की उत्पत्ति सम्बन्धी उपर्युक्त मता - विवेचन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि राजपूत जाति में देशी क्षत्रिय तथा विदेशी, शक, पह्मलव, हूण आदि भी भारत में राज्य स्थापितकर 'राजपुत्र' बन इसमें सम्मिलित हो गये। डॉ० गोपीनाथ शर्मा की व्याख्यानुसार जिस तरह शक, पह्मलव, हूण आदि विदेशी यहाँ आए और जिस तरह इनका विलीनीकरण भारतीय समाज में हुआ, इसकी साक्षी इतिहास है। ये लोग लाखों की संख्या में थे। पराजित होने पर इनका यहाँ बस जाना प्रामाणिक है। ऐसी अवस्था में उसका किसी न किसी जाति से मिलना स्वाभाविक था। उस समय की युद्धोपजीवी जाति ही ऐसी थी जिसने इन्हें दबाया और उन्हें समानशील होने से अपने में मिलाया। इसी तरह छठी व सातवीं शताब्दी में क्षत्रियों और राजपूतों का समानार्थ में प्रयुक्त होना भी यह संकेत करता है कि इन विदेशियों के रक्त से मिश्रित जाति ही राजपूत जाति थी, जो यकायक क्षात्र - धर्म से सुसज्जित होकर प्रकाश में आ गई और शकादिकों का अस्तित्व समाप्त हो गया। यह स्थिति सामाजिक उथल - पुथल की पोषक है। हरिया देवी नामक हूण कन्या का विवाह गुहिलवंशी अल्लट के साथ होना, जो कि सं० १०३४ के शक्तिकुमार शिलालेख से स्पष्ट है इस सामंजस्य का अकाट्य प्रमाण है जब सभी राजसत्ता ऐसी जाति के हाथ आ गई तो ब्राह्मणों ने भी उन्हें क्षत्रिय की संज्ञा दी। उनकी राजनैेतिक स्थिती ने उन्हें राजपुत्र की प्रतिष्ठा प्रदान की जिसे लौकिक भाषा में राजपूत कहने लगे। इस सम्बन्ध में इतना अवश्य स्वीकार करना होगा कि सम्भवत: सभी क्षत्रियों का विदेशियों से सम्पर्क न हुआ हो और कुछ एक वंशों ने अपना स्वतन्त्र स्थान बनाये रखा हो।



8.11.17

महाकवि कालिदास का जीवन परिचय


महाकवि कालिदास कब हुए और कितने हुए इस पर विवाद होता रहा है। विद्वानों के अनेक मत हैं। 150 वर्ष ईसा पूर्व से 450 ईस्वी तक कालिदास हुए होंगे ऐसा माना जाता है। नये अनुसंधान से ज्ञात हुआ है कि इनका काल गुप्त काल रहा होगा। रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों की रचना के पश्चात् संस्कृत साहित्य के आकाश में अनेक कवि-नक्षत्रों ने अपनी प्रभा प्रकट की, पर नक्षत्र - तारा - ग्रहसंकुला होते हुए भी कालिदास - चन्द्र के द्वारा ही भारतीय साहित्य की परम्परा सचमुच ज्योतिष्मयी कही जा सकती है। माधुर्य और प्रसाद का परम परिपाक, भाव की गम्भीरता तथा रसनिर्झरिणी का अमन्द प्रवाह, पदों की स्निग्धता और वैदिक काव्य परम्परा की महनीयता के साथ-साथ आर्ष काव्य की जीवनदृष्टि और गौरव-इन सबका ललित सन्निवेश कालिदास की कविता में हुआ है।
    कालिदास विश्ववन्द्य कवि हैं। उनकी कविता के स्वर देशकाल की परिधि को लाँघ कर सार्वभौम बन कर गूंजते रहे हैं। इसके साथ ही वे इस देश की धरती से गहरे अनुराग को पूरी संवेदना के साथ व्यक्त करने वाले कवियों में भी अनन्य हैं। कालिदास के समय तक भारतीय चिन्तन परिपक्व और विकसित हो चुका था, षड्दर्शन तथा अवैदिक दर्शनों के मत-मतान्तर और सिद्धान्त परिणत रूप में सामने आ चुके थे। दूसरी ओर आख्यान-उपाख्यान और पौराणिक वाङमय का जन-जन में प्रचार था। वैदिक धर्म और दर्शन की पुन: स्थापना का भी अभूतपूर्व समुद्यम उनके समय में या उसके कुछ पहले हो चुका था। ज्योतिष, गणित, आयुर्वेद आदि विभिन्न विद्याओं का भी अच्छा विकास कालिदास के काल तक हो चुका था। कालिदास की कवि चेतना ने चिन्तन तथा ज्ञान-विज्ञान की इस सारी परम्परा, विकास को आत्मसात किया, अपने समकालीन समाज और जीवन को भी देखा-परखा और इन सबको उन्होंने अपनी कालजयी प्रतिभा के द्वारा ऐसे रूप में अभिव्यक्त किया, जो अपने अद्वितीय सौन्दर्य और हृदयावर्जकता के कारण युग-युग तक आकर्षक ही नहीं बना रहा, उसमें अर्थों और व्याख्याओं की भी सम्भावनाएं कभी चुकने को नहीं आतीं।

   कालिदास संस्कृत भाषा के एक महान नाटककार और कवि थे। कालिदास शिव के भक्त थे। कालिदास नाम का शाब्दिक अर्थ है, “काली का सेवक“। उन्होंने भारत की पौराणिक कथाओं और दर्शन को आधार बनाकर रचनाएं की।
महाकवी कालिदास की जीवनी – 
पूरा नाम – कालिदास 
जन्म – पहली से तीसरी शताब्दी के बीच ईस पूर्व माना जाता है।
जन्मस्थान – जन्मस्थान के बारे में विवाद है।
विवाह – राजकुमारी विद्योत्तमा से।
कलिदास अपनी अलंकार युक्त सरल और मधुर भाषा के लिये विशेष से जाने जाते हैं। उनके ऋतु वर्णन बहुत ही सुंदर हैं और उनकी उपमाएं बेमिसाल हैं। संगीत उनके साहित्य का प्रमुख है और रस का सृजन करने में उनकी कोई उपमा नहीं। उन्होंने अपने शृंगार रस प्रधान साहित्य में भी साहित्यिक सौन्दर्य के साथ-साथ आदर्शवादी परंपरा और नैतिक मूल्यों का समुचित ध्यान रखा है। उनका नाम सदा-सदा के लिये अमर है और उनका स्थान वाल्मीकि और व्यास की परम्परा शामिल हैं।
   कालिदास के काल के विषय में काफी मतभेद है। पर अब विव्दानों की सहमति से उनका काल प्रथम शताब्दी ई. पू. माना जाता है। इस मान्यता का आधार यह है कि उज्जयिनी के राजा विक्रमादित्य के शासन काल से कालिदास का रचनाकाल संबध्द है।
    किंवदन्ती है कि प्रारंभ में कालिदास मंदबुध्दी तथा अशिक्षित थे। कुछ पंडितों ने जो अत्यन्त विदुषी राजकुमारी विद्योत्तमा से शास्त्रार्थ में पराजित हो चुके थे। बदला लेने के लिए छल से कालिदास का विवाह उसके साथ करा दिया। विद्योत्तमा वास्तविकता का ज्ञान होने पर अत्यन्त दुखी तथा क्षुब्ध हुई। उसकी धिक्कार सुन कर कालिदास ने विद्याप्राप्ति का संकल्प किया तथा घर छोड़कर अध्ययन के लिए निकल पड़े और विव्दान बनकर ही लौटे।
   जिस कृति कारण कालिदास को सर्वाधिक प्रसिध्दि मिली। वह है उनका नाटक ‘अभिग्यांशाकंतलम’ जिसका विश्व की अनेक भाषाओँ में अनुवाद हो चुका है। उनके दुसरे नाटक ‘विक्रमोर्वशीय’ तथा ‘मालविकाग्निमित्र’ भी उत्कृष्ट नाट्य साहित्य के उदाहरण हैं। उनके केवल दो महाकाव्य उपलब्ध हैं – ‘रघुवंश’ तथा ‘कुमारसंभव’ पर वे ही उनकी कीर्ति पताका फहराने के लिए पर्याप्त हैं। काव्यकला की दृष्टि से कालिदास का ‘मेघदूत’ अतुलनीय है। इसकी सुन्दर सरस भाषा, प्रेम और विरह की अभिव्यक्ति तथा प्रकृति चित्रण से पाठक मुग्ध और भावविभोर हो उठते हैं। ‘मेघदूत’ का भी विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चूका है। उनका ‘ऋतु संहार’ प्रत्येक ॠतु के प्रकृति चित्रण के लिए ही लिखा गया है।

   कविकुल गुरु महाकवि कालिदास की गणना भारत के ही नहीं वरन् संसार के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकारों में की जाती है। उन्होंने नाटक, महाकाव्य तथा गीतिकाव्य के क्षेत्र में अपनी अदभुत रचनाशक्ति का प्रदर्शन कर अपनी एक अलग ही पहचान बनाई।
कालिदास की रचनाएं -
श्यामा दंडकम्
ज्योतिर्विद्याभरणम्
श्रृंगार रसाशतम्
सेतुकाव्यम्
श्रुतबोधम्
श्रृंगार तिलकम्
कर्पूरमंजरी
पुष्पबाण विलासम्

5.11.17

सामान्य ज्ञान के 200 प्रश्नोत्तर

200 सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर के साथ 

1. पृथ्वी का एक मात्र प्राकृतिक उपग्रह है।
उत्तर - चन्द्रमा
2. 'गाँधी' फ़िल्म में गाँधी की भूमिका किसने निभाई ?
उत्तर - बेन किंग्सले
3. शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर - 5 दिसम्बर
4. जापान पर परमाणु बम कब गिराया गया था?
उत्तर - 1945 में
5. भांखड़ा नांगल बाँध किस नदी पर है?
उत्तर - सतलज
6. भारत का राष्ट्रीय पुष्प की है?
उत्तर - कमल
7. धनराज पिल्लै किस खेल से सम्बंधित है?
उत्तर - हॉकी
8. सयुंक्त राष्ट्र संघ U.N.O. की सुरक्षा परिषद् में कितने स्थाई सदस्य है ?
उत्तर - 5
9. कौन सा सिंधु सभ्यता का स्थान अब पाकिस्तान में है ?
उत्तर - हड़प्पा
10. चौथ नामक कर किसके द्वारा लिया जाता था?
उत्तर - मराठो द्वारा
11. मुग़ल बादशाहो का सही क्रम है ।
उत्तर - बाबर , हुमायूँ, अकबर, जहांगीर
12. 'भूदान आंदोलन' किसने शुरू किया किया था?
उत्तर - विनोभा भावे
13. भारत में अंग्रेजी शिक्षा का किसने शुरू की थी?
उत्तर - लार्ड मैकाले
14. 'फ़्लाइंग सिख' के नाम से किसे जाना जाता है?
उत्तर - मिल्खा सिंह
15. नींबू और सन्तरे में कौन सा विटामिन पाया जाता है?
उत्तर - विटामिन 'C'
16. उदय शंकर किससे सम्बंधित है?
उत्तर - नृत्य
17. संविधान के प्रारूप समिति के चेयरमैन कौन थे?
उत्तर - डॉ. भीम रॉव अम्बेडकर
18. त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में सर्वोच्च स्थान पर क्या होता है?
उत्तर - जिला परिषद
19. लक्षदीप की राजधानी है।
उत्तर - करवती
20. श्री लंका की मुद्रा का नाम है।
उत्तर - रुपया
21. 'डिस्कवरी ऑफ इंडिया' नामक पुस्तक किसने लिखी थी?
उत्तर - जवाहर लाल नेहरू
22. 'गुरुत्वाकर्षण' की खोज किसने की थी?
उत्तर - न्यूटन
23. नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाला प्रथम भारतीय कौन है।
उत्तर - रविन्द्र नाथ टैगोर
24. द्रोणाचार्य पुरस्कार किससे सम्बंधित है?
उत्तर - वीरता से
25. खजुराहो स्थित है-
उत्तर - मध्य प्रदेश
26. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी स्थित है।
उत्तर - देहरादून
27. रामकृष्ण मिशन की स्थापना किसने की थी?
उत्तर - स्वामी विवेकानंद
28. भारतीय मानक समय आधारित है।
उत्तर - 80° 30' पूर्व देशान्तर पर
29. कौन सा राज्य भारत के सबसे पूर्वी भाग पर स्थित है?
उत्तर - अरुणाचल प्रदेश
30. कौन सा देश नाथुला दर्रा के पार है?
उत्तर - चीन
31. पृथ्वी के नजदीक वायुमण्डल की सबसे निचली परत है-
उत्तर - क्षोभ मण्डल
32. भारतीय सेना में 'विजयंत' नाम है-
उत्तर - एक टैंक का
33. चीनी यात्री फाह्यान किसके काल में भारत आया था?
उत्तर - विक्रमादित्य
34. प्रख्यात सिनेकलाकार पृथ्वीराज कपूर और राजकपूर में सम्बन्ध है।
उत्तर - बाप-बेटे का
35. भारत का कौन सा राज्य चाय उत्पादन के लिए जाना जाता है।
उत्तर - असम
36. भारत के किस राज्य सर्वाधिक चावल उत्पादन होता है -
उत्तर - पश्चिम बंगाल
37. भारत के किस शहर में जंतर-मंतर स्थित है?
उत्तर - दिल्ली
38. भारत के किस राज्य में दार्जिलिंग स्थित है?
उत्तर - पश्चिम बंगाल
39. तेलगु किस राज्य की राजभाषा है?
उत्तर - आंध्रप्रदेश
40. हॉकी खेल में प्रत्येक टीम में कितने खिलाड़ी होते है-
उत्तर - 11
41. बांग्लादेश की मुद्रा है -
उत्तर - टका
42. नील नदी के किनारे कौन सी सभ्यता का विकास हुआ था?
उत्तर - मिश्र सभ्यता
43. किस स्थान पर महात्मा बुध ने ज्ञान प्राप्त किया था?
उत्तर - गया
44. प्रसिद्ध नाटक 'शकुंतला' किसने लिखी थी?
उत्तर - महाकवि कालिदास
45. ज्वार सबसे ऊँचा कब होता है-
उत्तर - जब सूर्य और चन्द्रमा पृथ्वी के एक ही ओर होते है
46. कौन सा राज्य भारत के वृहद प्रायद्वीपीय पठार का भाग नही है?
उत्तर - मध्य प्रदेश
47. खैबर दर्रा स्थित है-
उत्तर - अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच
48. कौन सी नदी प्रायद्वीपीय पठार से नही निकलती है
उत्तर - यमुना
49. कौन सा शहर गंगा के तट पर बसा है
उत्तर - कानपुर
50. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। इसका तात्पर्य है-
उत्तर - भारत का कोई राज्य स्तर पर धर्म नही है
51. राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाइवे) जोड़ते हैं।
उत्तर - व्यापार केन्द्रो और राज्य की राजधानियों को
52. कौन सा शहर अंगूरों की पैदावार के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर - नासिक
53. कोयना बांध स्थित है-
उत्तर - महाराष्ट्र
54. खरीफ की फसल काटी जाती है-
उत्तर - नवम्बर के प्रारम्भ में
55. हिमानी (ग्लेशियर) बर्फ का एक विशाल पिंड है, जो-
उत्तर - हिमालय पर्वत के श्रेणी के शीर्ष स्थलो पर छाया रहता है
56. कौन सी कायांतरित शैल है?
उत्तर - संगमरमर
57. SAARC का पूर्ण रूप है-
उत्तर - साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल कोआपरेसन
58. भारत आने वाले सागरीय मार्ग की खोज किसने की थी?
उत्तर - वास्को-दी-गामा
59. स्वेज नहर के खुलने से किन दो देशो के बीच का मार्ग छोटा हो गया
60. प्रथम विश्व युद्ध कब लड़ा गया था ?
उत्तर - 1914-1918 ई.
61. किसके शासनकाल के दौरान मराठा सत्ता सर्वोच्च शिखर और सत्ता पर थी ?
उत्तर - बालाजी बाजीराव

North Western Railway Jaipur 2017 में 21 Sports Quota की भर्ती 

62. 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना किसने की थी?
उत्तर - महात्मा फुले
63. भारत के राष्ट्रगान 'जन गण मन' के रचयिता थे-
उत्तर - रवीन्द्रनाथ टैगोर
64. 'भारत का महान ज्येष्ठ व्यक्ति' (Grand old man of India) के नाम से कौन प्रसिद्ध है?
उत्तर - दादा भाई नैरोजी
65. सविनय अवज्ञा आंदोलन कब प्रारम्भ हुआ था?
उत्तर - 1942 ई. में
66. किस प्रधानमंत्री ने समाजवाद की विचार धारा को आगे बढ़ाया
उत्तर - प. जवाहर लाल नेहरू
67. भारत के अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगे समुद्र तट की लम्बाई कितनी है?
उत्तर - 6100 की. मी.
68. कृष्णा नदी का उद्गम स्थल किसके समीप है
उत्तर - महाबलेश्वर
69. पृथ्वी एक घण्टे में कितने देशान्तर घूम लेती है?
उत्तर - 15°
70. चंद्र ग्रहण होता है, जब-
उत्तर - पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाता है
71. ब्रिटिश शासन द्वारा किन स्थानों के बीच प्रथम रेलवे लाइन शुरू की गई थी -
उत्तर - मुम्बई से ठाणे के बीच
72. भारत का राष्ट्रीय पशु है
उत्तर - बाघ
73. भारतीय वायुसेना में कमीशंड अधिकारी का सबसे छोटा पद होता है
उत्तर - पायलट ऑफिसर
74. युद्ध में साहस और पराक्रम के प्रदर्शन के लिए दिया जाने वाला भारत का सर्वोच्च सैनिक अलंकरण है
उत्तर - परमवीर चक्र
75. विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है-
उत्तर - एशिया
76. ऋतुएँ किन कारणों से होती हैं
उत्तर - सूर्य के चारो ओर पृथ्वी का परिक्रमण
77. पृथ्वी की सतह से सबसे दूर वायुमण्डलीय परत किस नाम से विदित है?
उत्तर - वर्हि मण्डल
78. डी. सी. एम. ट्रॉफी का सम्बन्ध है -
उत्तर - फुटबॉल से
79. अल्ला रक्खा किस वाद्ययन्त्र के लिए मशहूर थे?
उत्तर - तबदला
80. वह मुगल बादशाह जिसने 15 वर्ष निर्वासित होकर गुजारे थे।
उत्तर - हुमायूँ
81. राज्यसभा की बैठको की अध्यक्षता कौन करता है ?
उत्तर - उपराष्ट्रपति
82. किस गुफा में त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के मुखमण्डल की मूर्ति स्थित है
उत्तर - एलिफंटा
83. लक्षदीप की राजधानी है
उत्तर - कारावती
84. महाराष्ट्र में सर्वाधिक मात्रा में पाई जाने वाली उपलब्ध मृदा का प्रकार है-
उत्तर - काली मिट्टी
85. प्रसिद्ध शिलोत्कीर्ण (पत्थर काटकर बनाया गया) कैलाश मन्दिर कहाँ स्थित है?
उत्तर - एलोरा
86. हरित क्रांति का अर्थ है -
उत्तर - कृषि की आधुनिक विधियों के प्रयोग द्वारा प्रति एकड़ फसल की उपज को बढ़ाना
87. भू-रक्षण को नियंत्रित किया जा सकता है-
उत्तर - सीढ़ीदर टीला बनाकर, बाँध बनाकर, वृक्षारोपण द्वारा
88. जम्मू और कश्मीर का रेलपथ किस रेलवे जॉन के अंतर्गत आता है?
उत्तर - उत्तरी रेलवे
89. भारत के किस राज्य में कन्नड़ भाषा बोली जाती है ।
उत्तर - कर्नाटक
90. संघ शासित प्रदेश अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी कौन सी राज्य है।
उत्तर - पोर्टब्लेयर
91. विख्यात महाकाव्य 'महाभारत' के रचयिता कौन है?
उत्तर - वेदव्यास
92. 'गीतांजलि' के कवि हैं -
उत्तर - रवीन्द्रनाथ टैगोर
93. किन दो स्थानों के बीच हिमसागर एक्सप्रेस चलती है?
उत्तर - जम्मू से कन्याकुमारी
94. 'जनरल' किस सेना का एक अधिकारी पद है?
उत्तर - थल सेना
95. भारत के किस राज्य में पवित्र तीर्थस्थल 'अमरनाथ' स्थित है?
उत्तर - जम्मू एवं कश्मीर
96. विख्यात पर्यटन-स्थल 'गुलमर्ग' भारत के किस क्षेत्र में स्थित है?
उत्तर - कश्मीर
97. रेल पथ के नैरो गेज की चौड़ाई होती है-
उत्तर - 2' 6''
98. किस देश को 'उगते हुए सूरज की भूमि' कहाँ जाता है?
उत्तर - जापान
99. कौन सा शहर मध्य प्रदेश की राजधानी है?
उत्तर - भोपाल
100. किस राज्य में मलयालम भाषा बोली जाती है
उत्तर - केरल
101. चंडीगढ़ का रॉक गार्डन (शैल उद्यान) किसने बनाया था?
उत्तर - नेकचंद्र
102. जम्मू किस नदी के किनारे स्थित है -
उत्तर - तवी
103. कौन सा शहर अफगानिस्तान की राजधानी है?
उत्तर - काबुल
104. कौन सा शहर जापान की राजधानी है?
उत्तर - टोकियो
105. किस देश में सूची स्तम्भ (पिरामिड) पाये गए हैं
उत्तर - मिश्र
106. किस जानवर को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है?
उत्तर - ऊँट
107. किस वर्ष में महात्मा गांधी का जन्म हुआ था?
उत्तर - 1869
108. रेल पथ के मीटर गेज की चौड़ाई होती है
उत्तर - 1 मीटर
109. विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप कौन सा देश है
उत्तर - एशिया
110. विश्व का सबसे बड़ा देश कौन सा देश है?
उत्तर - रूस
111. विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है-
उत्तर - प्रशांत महासागर
112. विश्व का सबसे लम्बा पशु है -
उत्तर - जिराफ
113. विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है-
उत्तर - एवरेस्ट
114. भारतीय गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
उत्तर - डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
115. माउन्ट एवरेस्ट पर चढ़ने वाला प्रथम व्यक्ति है।
उत्तर - तेनजिंग नोर्गे
116. कारगिल कस्बा किस राज्य में है-
उत्तर - जम्मू एवं कश्मीर
117. पानीपत का प्रथम युद्ध लड़ा गया था उत्तर - बाबर और इम्ब्राहिम लोदी के बीच
118. अजमेर किस सूफी सन्त से सम्बंधित है ?
उत्तर - ख्वाजा मोईनुद्दीन चिस्ती
119. किस मुगल राजा ने धार्मिक संप्रदाय 'दीन-ए-इलाही' की स्थापना की?
उत्तर - अकबर
120. मानसून हवाएँ कौन सी होती है?
उत्तर - वर्षा ऋतु की हवाएँ
121. रूस में साइबेरिया पूरे विश्व में किस लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर - इसकी अत्यधिक ठण्डी जलवायु के लिए
122. 1857 विद्रोह है-
उत्तर - ब्रिटिश सेना में भारतीय सैनिकों का विद्रोह
123. पृथ्वी पर सबसे बड़ा वृत्त है-
उत्तर - भूमध्य रेखा
124. किस भारतीय नेता को 'भारत का लौह पुरुष' के नाम से जाना जाता है?
उत्तर - सरदार वल्लभ भाई पटेल
125. कन्याकुमारी में रॉक मेमोरियल (शैल स्मारक) को किसकी स्मृति में समर्पित किया गया?
उत्तर - स्वामी विवेकानन्द
126. माओ-त्से तुंग सम्बंधित है-
उत्तर - चीन
127. जलियाला वाला बाग किस शहर में स्थित है?
उत्तर - अमृतसर
128. भारत का राष्ट्रीय पक्षी है-
उत्तर - मोर
129. "जय जवान, जय किसान" का नारा किसने दिया था?
उत्तर - लाल बहादुर शास्त्री
130. प्रसिद्ध उद्दरण "सरकार जनता की, जनता द्वारा, जनता के लिए" किसने दिया था?
उत्तर - अब्राहम लिंकन
131. बोधगया किस धर्म से सम्बंधित है?
उत्तर - बौद्ध धर्म
132. सिख धर्म के संस्थापक कौन थे?
उत्तर - गुरुनानक देव
133. भारत में सबसे पहली रेलगाड़ी कब चली थी?
उत्तर - 16 अप्रैल, 1853
134. भारत में सबसे लम्बी सड़क है-
उत्तर - जी. टी. रोड
135. भारत सर्वाधिक शिक्षित राज्य है-
उत्तर - केरल
136. 'चाचा जी' के नाम से जाने जाते थे-
उत्तर - प. जवाहर लाल नेहरू
137. भारत का कौन सा शहर 'गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाता है?
उत्तर - जयपुर
138. 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा सर्वप्रथम किसने दिया था?
उत्तर - सरदार भगत सिंह
139. भारत का सर्वोच्च पुरस्कार है-
उत्तर - भारत रत्न
140. भारत के संविधान को बनाने के लिए गठित संविधान सभा के अध्यक्ष थे?
उत्तर - डॉ. राजेंद्र प्रसाद
141. भारतीय फ़िल्म अभिनेता, 'शत्रुध्न सिन्हा' किस राज्य से सम्बंधित हैं?
उत्तर - बिहार
142. अलीगढ़ किस उत्पाद के लिए मसहूर है? 
उत्तर - ताले बनाने के लिए
143. किस भारतीय राज्य में 'विशाखापट्टनम' बन्दरगाह स्थित है?
उत्तर - आंध्रप्रदेश
144. हमारे सौर परिवार कितने ग्रह है?
उत्तर - 8
145. भारतीय की डीजल इंजन विनिर्माण इकाई 'डीजल लोकोमोटिव वर्क्स' कहाँ स्थित है?
उत्तर - वाराणसी
146. 'बैसाखी' त्यौहार किस धर्म के लोग मनाते हैं?
उत्तर - सिख धर्म के लोग
147. 'शाहनामा' किसकी कृति है?
उत्तर - फिरदौसी
148. मणिपुर की राजधानी है-
उत्तर - इम्फाल
149. गोवा को पुर्तगालियों से कब आजाद करवाया गया?
उत्तर - 1964
150. अनुच्छेद 370 भारत के किस राज्य में लागू है?
उत्तर - जम्मू-कश्मीर
151. कौन-सी नदी महाराष्ट्र के नासिक से निकलती है?
उत्तर - गोदावेरी
152. किस स्थान पर तेल रिफायनरी कारखाना है?
उत्तर - बरौनी
153. किसके नेतृत्व में 1776 में अमेरिका को स्वतंत्रता प्राप्त हुई?
उत्तर - जार्ज वाशिंगटन
154. राजस्थान में किस तरह के पेड़ो में पत्तियाँ पाई जाती हैं?
उत्तर - छोटी
155. अंजू बॉबी जार्ज सम्बंधित है-
उत्तर - एथलेटिक्स से
156. कौन सी रेखा विषुवत रेखा के समानांतर है?
उत्तर - अक्षांश
157. प्लासी का युद्ध कब हुआ था ?
उत्तर - 1757 ई.
158. 1857 ई. के विद्रोह में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई ने किसके सहयोग से ग्वालियर में विद्रोह किया था?
उत्तर - तात्यां टोपे
159. अंतिम मुगल शासक बहादुर शाह जफर की मृत्यु कहाँ हुई थी?
उत्तर - रंगून
160. महात्मा गांधी जी के पत्नी का नाम क्या था?
उत्तर - कस्तूरबा गांधी
161. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक कौन थे?
उत्तर - ए. ओ. ह्यूम
162. स्वतन्त्र भारत के प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल थे?
उत्तर - सी. राजगोपालाचारी
163. प्रार्थना समाज की स्थापना किसने की?
उत्तर - आत्माराम पांडुरंग
164. चोल प्रशासन की मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर - ग्रामीण स्वायत्तता
165. रेशम के कीड़े का भोज्य पदार्थ क्या है?
उत्तर - शहतूत की पत्ती
166. किस शासक ने ग्रांड ट्रक रोड का निर्माण कराया था?
उत्तर - शेरशाह सूरी
167. किस स्थान पर सिंधु घाटी सभ्यता का बन्दरगाह स्थित है?
उत्तर - लोथल
168. पूर्वोत्तर राज्य में सबसे बड़ा राज्य कौन है?
उत्तर - अरुणाचल प्रदेश
169. चीन असम के किस दिशा में स्थित है?
उत्तर - उत्तर
170. मध्य प्रदेश अतिरिक्त भारत का कौन सा राज्य सात राज्यों की सीमा को स्पर्श करती है?
उत्तर - असम
171. कंचन गंगा पर्वत शिखर कहाँ स्थित है?
उत्तर - सिक्किम
172. सूर्य से सबसे नजदीक गृह है-
उत्तर - बुध
173. पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर - मालीगांव
174. घरेलू उपयोग में पाया जाने वाले चीनी में पाया जाता है-
उत्तर - सुक्रोज
175. प्रथम भारतीय फ़िल्म 'राजा हरिश्चंद्र' के निर्माता कौन थे ?
उत्तर - दादा साहेब फाल्के
176. असम के कौन से व्यक्ति भारत के राष्ट्रपति रह चुके है?
उत्तर - फखरुद्दीन अली अहमद
177. पुस्तक 'वार एन्ड पीस' लेखक है?
उत्तर - लियो टॉलस्टाय
178. मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर - राष्ट्रपति
179. 'ए मेरे वतन के लोगो' देशभक्ति गीत किसने लिखा है?
उत्तर - प्रदीप
180. वायु का दबाव किसके कारण होता है?
उत्तर - घनत्व
181. वायुमण्डलीय डाब मापने का पैमाना है-
उत्तर - बैरोमीटर
182. अमीबा में कुल कितने शैल (कोशिका) होते है?
उत्तर - एक
183. नागालैंड भारत का विधिवत राज्य कब बना?
उत्तर - 1963 ई.
184. उत्तर पूर्व सीमान्त रेलवे में सबसे बड़ा रेलवे स्टेसन है-
उत्तर - मालीगांव
185. मुख्यमन्त्री की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर - राज्यपाल
186. रेफ्रिजरेटर में कौन सी गैस प्रयुक्त की जाती है?
उत्तर - फ्रीआन
187. इलेक्ट्रान के खोज कर्त्ता हैं-
उत्तर - जे. जे. थॉमसन
188. असमिया भाषा में मुद्रित प्रथम पुस्तक के लेखक कौन थे?
उत्तर - आत्माराम शर्मा
189. रविन्द्रनाथ टैगोर ने भारत के राष्ट्रीय गान के अलावा किस एक और देश का राष्ट्रीय गान लिखा?
उत्तर - बांग्ला देश
190. हीटर के तार किस चीज के बने होते है?
उत्तर - नाइक्रोम
191. लोहे पर जंग लगने से उसका भार -
उत्तर - बढ़ता है
192. विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप 'माजुली' असम के किस जिले में स्थित है
उत्तर - पाताल पूरी
193. ध्वनि कि चाल अधिकतम किसमें होती है?
उत्तर - स्टील में
194. किसे ' भविष्य की धातु कहा जाता है.
उत्तर - टाइटेनियम
195. कौन सा तत्व स्वतन्त्र अवश्था  में पाया जाता है?
उत्तर - सल्फर
196. दिल्ली की सुल्तान रजिया सुल्तान किसकी पुत्री थी?
197. 'मंदिरो की पूण्यभूमि' भारत के किस राज्य को कहा जाता है
उत्तर - तमिलनाडु
198. महाराष्ट्र के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर - वाई. बी. चौहान
199. 'भारत का मैनचेस्टर' किसे कहा जाता है?
उत्तर - अहमदाबाद
200. बिहार का शोक किस नदी को कहा जाता है?
उत्तर - कोशी

3.11.17

जनरल नालेज प्रश्नोत्तरी


1. सबसे पहले कौन से जानवर को अंतरिक्ष में भेजा गया था और उसका क्यानाम था ?
Ans. लैका (कुतिया) जो कि स्पूतनिक-॥ में भेजी गई थी
2. भारतीय खेल पुरस्कार में बेस्ट वूमेन फूट्बॉलर ऑफ द ईयर अवार्ड किसेमिला है ?
Ans. Oinam Bembem Devi
3. . भारत के कौन से राज्य में एस. टी. जाति नही है ?
Ans. हरियाणा
4. रेडियम की खोज किसने की थी ?
Ans. रोबर्ट पाइरे और मैडम क्यूरी ने
5. भारत में टीवी पर पहली बार समाचार किसने पढ़े थे?
Ans. प्रतिमापुरी
6. पहला ब्रिटीश वायसराय कौन था ?
Ans. लोर्ड केनिंग
7. सुभाष चंद्र बोस को किसने सबसे पहले “नेताजी” कह कर सम्बोधितकिया था ?
Ans. एडोल्फ हिटलर
8. ईसरो का 100 वां मिशन कौन सा था?
Ans. पी.एस.एल.वी.
9. भोपाल गैस कांड कब गठित हुआ था ?
Ans. दो और तीन दिसम्बर 1984 की आधी रात क
10. पहली भारतीय जिसने विश्व सुंदरी का खिताब अपने नाम किया ?
Ans. रीटा फारिया
11. राजस्थान के किस जिले में “एयर कार्गो कॉम्पलेक्स” स्थित है ?
Ans. जयपुर
12. सबसे पहले माउंट एवरेस्ट को किसने कैलकुलेट किया था?
Ans. राधानाथ सिकदर
13. पी. एच. पी. किसके द्वारा डेव्लॉप की गई है ?
Ans. रेमस लेर्डो
14. किस भारतीय जेल को नेशनल हेरिटेज साइट घोषित किया गया है ?
Ans. अंडेमान जेल
15. ई.पी.ज़ेड. की फुल फोर्म क्या है?
Ans. एक्स्पोर्ट प्रोसेसिंग़ ज़ोन ।
16. बहमानी साम्राज्य का अन्तिम सम्राट कौन था ?
Ans. कलीम उल्लाह शाह
17. एशिया पेसिफिक एकॉनोमिक कॉर्पोरेशन की स्थापना कब की गई ?
Ans. 1989
18. ओज़ोन दिवस किस दिन मनाया जाता है ?
Ans. 16 सितम्बर
19. सबसे पहला अत्याधिक प्रयोग किया जाने वाला वेब ब्राउज़र कौन सा था?
Ans. मोसैक (जो कि 1993 में रिलिज़किया गया था)
20. जीवन बीमा को राष्ट्रीय कब किया गया ?
Ans. 1956
21. इलेक्ट्रोनस की खोज किसने की थी?
जे.जे. थोम्सन
22. महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट किस नाम से जाने जाते हैं
Ans. सहयाद्रीस
23. ताजमहल किसने बनाया था ?
Ans. उस्ताद ईसा ?
24. एस. टी. डी. (STD )की फुल फोर्म क्या है ?
Ans. सब्स्क्राईबर ट्रंक डायलिंग
25. युवा दिवस किस दिन मनाया जाता है?
Ans. 12 (बारह) जनवरी
26. मैरी कॉम का सम्बंध किस खेल से ह
Ans. बोक्सिं
27. भारत का सबसे पहला आधार विलेज़ कौन सा है?
Ans. तेम्बली
28. किताब “मिडनाइट चिल्ड्रन” के लेखक कौन हैं ?
Ans. सलमान रुश्दी
29. लोगरिथ्म टेबल की खोज किसने की थी ?
Ans. जॉन नैपलर
30. थोमस कप किस खेल से सम्बंधित है ।
Ans. बैड्मिंटन
31. जी. ए. ए. आर. की फुल फोर्म क्या है ?
Ans. जनरल एंटी एवॉइडेंस रूल्स
32. प्रसिद्ध किताब “वी द पीपल” के लेखक कौन हैं ?
Ans. नानी पल्खीवाला
33. किस वर्ष किरण बेदी को उनकी सरकारी सर्विस के लिए मघसययपुरसकार दिया गया था ?
Ans. 1994
34. अरूणाचल प्रदेश की राजधानी का क्या नाम है ?
Ans. इटानगर
35. दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा कौन सी है
Ans. मैंडरीन
3. जम्मू किस नदी के किनारे पर स्थित है ?
Ans. तावी
37. आई. सी. ए. ओ. की फुल फोर्म क्या है ?
Ans. इंटरनेशनल सिविल एविएशन ओर्गेनाईजेशन
38. नॉवल “चाइनामैन” किस के द्वारा लिखा गया है ?
Ans. शेहान करूआतिल्का ।
39. भारत का सबसे बडा गैलेंटरी अवार्ड कौन सा है ?
Ans. परम वीर चक्र
40. किताब “मदर” किस लेखक द्वारा लिखी गई है ?
Ans. मैक्सिम गॉर्की
41. एच. टी. टी. पी. की फुल फोर्म क्या है ?
Ans. हाइपर टेक्स्ट ट्रांसमिशन प्रोटोकोल
42. पोधों की स्ट्डी को क्या कहा जाता है ?
Ans. डेंड्रोलोजी
43. शाहनामा किस के दवारा लिखा गया ?
फिरदावसी
44. ब्लू वहेल कितनी आवाज़ पैदा करती है ?
Ans. 188 डेसीबल
45. कौन सा मिनरल प्लास्टर ऑफ पेरिस बनाने के लिए प्रयोग किया जाताहै ?
Ans. जिप्सम
46. कार्बन के ठोस रूप को किस नाम से जाना जाता है ?
Ans. ड्राई आइस
47. दुनिया में कॉफी का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला देश कौन सा है?
Ans. ब्राज़ील
48. सबसे पहले इलेक्ट्रिक टूथ्ब्रश का क्या नाम था
Ans. ब्रोक्सोडेंट ।
49. रवांडा की राजधानी का क्या नाम है ।
Ans. किगाली ।
50. बी. सी. रॉय अवार्ड क्षेत्र में दिया जाता है ।
Ans. मेडीसीन ।
51. भारत में स्थापित सबसे पहला बैंक कौन सा था
Ans. बैंक ऑफ हिंदुस्तान ।
52. बर्लिन फिल्मोत्सव में पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिला कौन थी
Ans. मधुर जाफरी
53. भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
Ans. राजेन्द्र प्रसाद
54. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री कौन थे?
Ans. जवाहरलाल नेहरू
55. भोपाल गैस कांड में कौन सी गैस लोगो की मौत का कारण बनी थी?
Ans. मिथाइल आइसोसाइनेट
56. पेन ड्राइव का आविष्कार किसने किया ?
Ans, 1. अमीर बेन,
2. दोव मोरान और
3. ओरोन ओग्दन
ने इसका अविष्कार किया।
57. मनुष्य में कितनी मास्पेशियां होती हैं
Ans. 639
58. मनुष्य के शरीर का सबसे व्यस्त अंग कौन सा है
Ans. दिल
59. स्टोर्ट हाल जिनका हाल ही में निधन हुआ है उन्हे किस का जनक मानाजाता है
Ans. कल्चरल स्टडीज़ ।
60. बीजापुर में स्थित गोल गुंबज का निर्माण किसने किया था ।
Ans. मोहम्मद आदिल खान




28.10.17

राजपूत शूरवीर तो थे लेकिन युद्ध मे बार बार हारते क्यों थे?



    एक हजार साल पहले तक उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्से पर राजपूत राजाओं का शासन था. धीरे-धीरे उनका पराभव शुरू हुआ. पहले मुहम्मद गजनी ने उन्हें हराया. फिर गोरी ने. इसके बाद राजपूतों ने अल्लाउद्दीन खिलजी से मात खाई और फिर बाबर, अकबर, मराठों से होता हुआ यह सिलसिला अंग्रेजों तक गया. हालांकि इस सिलसिले में मराठों और अंग्रेजों को छोड़ा जा सकता है क्योंकि तब तक राजपूतों की ताकत पूरी तरह चुक गई थी. दिल्ली के शुरुआती सुल्तानों ने अगर उन्हें भारत के पश्चिम में स्थित रेतीले इलाके तक समेट दिया था तो मुगलों ने उन्हें जागीरदार बनाकर छोड़ा.
राजपूत राजाओं में पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा और महाराणा प्रताप का जिक्र सबसे ज्यादा होता है. लेकिन अहम लड़ाइयों में इन तीनों राजाओं को न सिर्फ पराजय मिली थी बल्कि उन्होंने मैदान भी छोड़ दिया था. 1192 में तराइन की दूसरी लड़ाई के दौरान गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को मैदान छोड़ते वक्त बंदी बनाया और बाद में चौहान की हत्या कर दी. 1527 में खानवा की लड़ाई में बाबर की सेना से मात खाने के बाद राणा सांगा को भागना पड़ा. 1576 में हुई हल्दीघाटी की लड़ाई में अकबर के साथ लड़े महाराणा प्रताप के साथ भी ऐसा ही हुआ. बाद में अपने पुरखों की इन असफलताओं को ढकने के लिए स्थानीय भाट-चारणों ने इतिहास को मिथकों में तब्दील कर दिया.
बार-बार क्यों हार?
सवाल उठता है कि अपनी वीरता के लिए मशहूर राजपूत बार-बार क्यों हारते रहे. वैसे तो यह सवाल कम ही पूछा जाता है लेकिन जब पूछा जाता है तो अक्सर जवाब यही होता है कि राजपूतों का सामना ऐसे मुसलमानों से था जिनकी मजबूती धर्म के प्रति उनकी कट्टरता थी. यह सच नहीं है. अपने सैनिकों में जोश भरने के लिए मुसलमान शासक धर्म का इस्तेमाल जरूर करते थे, लेकिन उनकी जीत में अकेले इस बात का योगदान नहीं था. अपने धर्म के प्रति समर्पण राजपूतों में भी कम नहीं था और उनके साहस की तो उनके दुश्मन भी तारीफ करते थे. बाबर ने खुद लिखा है कि खानवा की लड़ाई से पहले उसके सैनिक राणा सांगा की सेना से घबराए हुए थे जिसकी वीरता के बारे में कहा जाता था कि वह अंतिम सांस तक लड़ती रहती है.
यानी धर्म के प्रति समर्पण और साहस, दोनों पक्षों में बराबर था. अब बचता है अनुशासन, तकनीकी कुशलता और रणनीतिक श्रेष्ठता. राजपूत इनमें से हर मोर्चे पर कमजोर थे. उनके विरोधी, जो अक्सर तुर्क होते थे, एक जटिल योजना के साथ लड़ते थे. इनमें अलग-अलग काम करने वाली इकाइयां होती थीं जिनकी संख्या पांच तक होती थी. सबसे पहले घोड़ों पर सवार तीरंदाज दुश्मन की सेना पर हमला बोलते और फिर योजना के मुताबिक पीछे हट जाते. इससे दूसरा पक्ष सोचता कि विरोधी कमजोर पड़ रहा है और वह पूरी ताकत से धावा बोल देता. लेकिन घोड़े पर सवार इन तीरंदाजों के पीछे एक केंद्रीय और उसके अगल-बगल दो सैन्य इकाइयां तैयार रहतीं. केंद्रीय सैन्य इकाई पूरी ताकत से धावा बोलने वाले दुश्मन को उलझाती और अगल-बगल वाली दो इकाइयां दुश्मन को चारों तरफ से घेरकर उस पर किनारों से हमला बोलतीं. आखिर में एक सुरक्षित टुकड़ी भी रहती थी जिसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल में लाया जाता.
इन इकाइयों के बीच आपस में तुरंत संपर्क का सटीक इंतजाम रहता था. कब किसके आदेश का पालन होना है, इस बारे में निर्देश एकदम साफ रहते थे. यह एक ऐसी रणनीतिक व्यवस्था होती थी जिसमें जिम्मेदारियों का बंटवारा व्यक्ति की योग्यता देखकर किया जाता था.
राजपूतों की रणनीतिक व्यवस्था इसके उलट थी. इसमें कोई जटिलता नहीं थी. उनकी सेना सीधे धावा बोलती थी और कमजोर पड़ने पर उसके पास प्लान बी यानी वैकल्पिक रणनीति का विकल्प नहीं होता था. जबकि उनके सामने जो योद्धा होते थे वे खैबर का दर्रा पार करके आते थे. बहुत दूर से आने वाले इन हमलावरों की तुलना में राजपूतों के पास अक्सर संख्याबल का लाभ होता था. तराइन की दूसरी लड़ाई में पृथ्वीराज चौहान के पास गोरी से करीब तीन गुनी बड़ी सेना थी तो खानवा की लड़ाई में राणा सांगा के पास बाबर की तुलना में चार गुना ज्यादा लड़ाके थे.
लेकिन सांगा की तुलना में बाबर की फौज कहीं ज्यादा अनुभवी थी. एक साल पहले ही वह पानीपत की लड़ाई में इब्राहिम लोदी की विशाल फौज को हरा चुकी थी. बाबर के 10 हजार सैनिकों ने लोदी की एक लाख सैनिकों वाली फौज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था. हालांकि इसके बाद मुगल वंश के इस संस्थापक के पास लोदी के जनरलों को इस्तेमाल करने का विकल्प था लेकिन उसने अपने सिपहसालारों पर ही भरोसा किया. वह जानता था कि संख्या का तब तक कोई मतलब नहीं होता जब तक वह एक रणनीति और एक कमान के तहत संगठित न हो.
राजपूतों के साथ यही समस्या थी. सेना विशाल थी लेकिन ऐसा कम ही होता था कि सब एक की सुनते हों. हर राजपूत राजा का अपना अहम होता था. गुणों की बजाय जाति की पूछ होती थी और इसी से तय होता था कि अगुवाई कौन करेगा. उधर, उनके सामने जो सेना होती थी उसमें फैसले व्यक्ति के गुणों के आधार पर होते थे. भले ही वह कोई छुड़ाया गया दास हो, लेकिन अगर उसमें वीरता और नेतृत्व का गुण होता तो उसे बड़ी जिम्मेदारी दी जाती थी. इसके अलावा तकनीकी रूप से भी राजपूत अपने विरोधियों से 19 ठहरते थे. गोरी के घुड़सवार तीरंदाजों से लेकर बाबर की तोपों ने भी उन्हें बहुत नुकसान पहुंचाया.
रणनीतिक जड़ता
लेकिन यह भी हैरानी की बात है कि राजपूत सदियों तक पराजित होते रहे,
 
लेकिन उनकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया. 1576 में हुए हल्दीघाटी के युद्ध में राणा प्रताप ने पूरे जोर से धावा बोलने वाली वही रणनीति अपनाई जिसके चलते राजपूत पहले भी कई बार मुंह की खा चुके थे. हालांकि तराइन और खानवा के मुकाबले हल्दीघाटी बहुत ही छोटी लड़ाई थी. तीन हजार सिपाहियों वाली प्रताप की सेना की जंग 5000 मुगल सैनिकों से हुई थी. अक्सर इसे हिंदू राजपूत बनाम मुस्लिम साम्राज्य की लड़ाई के तौर पर पेश किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं था. राणा प्रताप के साथ भील धनुर्धारी भी थे तो अकबर से पहले उत्तर भारत पर राज कर चुके सूरी वंश के हकीम शाह भी. उधर, मुगल सेना के सेनापति राजपूत राजा मान सिंह थे. हालांकि हल्दीघाटी में पराजित होने के बाद भी राणा प्रताप ने लड़ना जारी रखा. इसे सराहनीय कहा जा सकता है लेकिन सच यही है कि मुगल सेना के लिए उनकी अहमियत एक छोटे-मोटे बागी से ज्यादा नहीं थी. अब अगर प्रताप को अकबर के बराबर या ऊपर रखा जा रहा है तो यह इस उपमहाद्वीप की सांप्रदायिक राजनीतिक के बारे में काफी कुछ बताता है.
एक और कारण था जिसके बारे में माना जाता है कि उसने राजपूतों की पराजय में अहम योगदान दिया. यह थी उनकी अफीम की लत. वैसे तो राजपूतों में अफीम का सेवन आम था, लेकिन लड़ाई के मोर्चे पर जाते हुए इसकी मात्रा खूब बढ़ा दी जाती थी. इसका नतीजा यह होता था कि उनमें से कई मरो या मारो के अलावा कोई और निर्देश समझने की हालत में ही नहीं रहते थे.